मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में खराब लिफ्ट। संवाद
हमीरपुर। मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लगाई लिफ्ट अब सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बनती जा रही है। हालात यह हैं कि यह लिफ्ट सप्ताह में दो से तीन बार खराब हो रही है।
गत दिन एक गर्भवती महिला को खराब लिफ्ट के अंदर करीब 12 मिनट तक फंसे रहना पड़ा। किसी तरह लिफ्ट को खोलकर महिला को बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ और अब लिफ्ट एक बार फिर खराब हो गई है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना काफी संख्या में मरीज, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और गंभीर मरीज आते हैं। ऐसे में अस्पताल की लिफ्ट का सुचारु रूप से चलना मरीजों की जरूरत है। लेकिन बार-बार खराब हो रही लिफ्ट व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
लिफ्ट खराब होने के बाद उसकी मरम्मत करवाई जाती है, लेकिन कुछ ही समय बाद यह फिर जवाब दे देती है। मरीजों में पंकज, सुरेश, अनुज आदि ने बताया कि मरम्मत केवल अस्थायी तौर पर की जा रही है। लिफ्ट की तकनीकी जांच नहीं हो रही है।
मेडिकल कॉलेज जैसे स्वास्थ्य संस्थान में लिफ्ट का बार-बार खराब होना केवल असुविधा नहीं है। यह मरीजों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन को केवल खराब होने के बाद मरम्मत करवाने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि लिफ्ट में बार-बार खराबी की असली वजह क्या है।
कॉलेज प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लिफ्ट की बार-बार होने वाली खराबी का स्थायी समाधान करे।
कोट
लिफ्ट में गर्भवती महिला के फंसे होने की जानकारी ली जाएगी। खराब लिफ्ट की जल्द ही मरम्मत करवा ली जाएगी।
-डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर