सचित्र ग्राउंड रिपोर्ट
एचएमपीवी को लेकर स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क, लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर सहित सिविल अस्पतालों में सामान्य रही व्यवस्थाएं, बदलाव नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) का मामला भारत में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग और डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज की ओर से भी मेडिकल विशेषज्ञों के साथ-साथ शिशु रोग विशेषज्ञों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर समेत जिले के अन्य अस्पतालों में कोई अतिरिक्त प्रबंध नहीं किए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मंगलवार को ओपीडी से लेकर वार्डों में व्यवस्था पूर्व की तरह ही सामान्य रही। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी और वार्ड में कहीं भी मास्क का प्रयोग नहीं दिखा। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित विशेषज्ञों से सामान्य खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, गले में खरास सहित अन्य लक्षण के मरीजों की रोजाना की सूचना देने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।
कोरोना के दौरान जो सावधानियां लोगों की ओर से बरती गई थीं, ऐसी ही सावधानियां बरती जाएं। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की बीते दिन जिला स्वास्थ्य विभाग से भी ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। हालांकि प्रदेश में अभी तक कोई ऐसा केस नहीं आया है लेकिन फिर भी एहतियात बरतने तथा पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला में बड़सर अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ है, जबकि डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में करीब सात शिशु रोग विशेषज्ञ हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेडिकल ऑफिसर का पद होता है, विशेषज्ञ का कोई पद नहीं है। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में वर्तमान में 69 वेंटिलेटर, 305 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट, मास्क उपलब्ध हैं।
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शिशु रोग ओपीडी 150 तक पहुंची
शिशु रोग ओपीडी भी रोजाना 150 तक पहुंच गई है। हालांकि अन्य दिनों में यह ओपीडी 130-135 तक रहती है, लेकिन सर्दियों में खांसी, जुकाम के अधिक मामले आते हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा ने कहा कि माता-पिता भी बच्चों को विशेष ध्यान रखें।
गले में खरास, सिर दर्द वायरस का मुख्य लक्षण
एचएमपीवी एक वायरस है, जो खांसी, जुकाम और गला खराब होने जैसी समस्याएं पैदा करता है। यह सर्दियों और बसंत में फैलता है। यह वायरस फेफड़ों तक पहुंच कर निमोनिया का कारण बन सकता है। इस वायरस की चपेट में आने पर सामान्य सर्दी जैसा महसूस होता है। सामान्य खांसी, सांस लेने में दिक्कत, गले में खरास, सिर दर्द इस वायरस के प्रमुख लक्षण हैं। इससे सावधानी बरतने हुए लोग मास्क पहनेें। नाक, मुंह और आंख को बार-बार न छूएं। खांसने पर मुंह पर रूमाल रखें।
कोट
- ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। मेडिकल विशेषज्ञों के साथ-साथ शिशु रोग विशेषज्ञों से रोजाना के सर्दी, खांसी के मरीजों की जानकारी मांगी जा रही है। लोग मास्क का प्रयोग करें।-डॉ. प्रवीन चौधरी, सीएमओ हमीरपुर
-डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज भी तैयार है। संबंधित चिकित्सकों को भी रोजाना के सर्दी, जुकाम के मरीजों की संख्या की अपडेट देने के लिए कहा गया है। मेडिकल कॉलेज में 69 वेंटिलेटर, 305 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट, मास्क उपलब्ध हैं।-डॉ अजय शर्मा, एमएस, डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर।
डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विशेषज्ञ के पास अपने बच्चों को इलाज करवाने पहुंचे परिजन।