जाहू (हमीरपुर)। दूल्हे की बरात और दुल्हन की डोली चीन से आए कोरोना वायरस ने रोक दी है। शादियों के जश्न में इस वायरस ने खलल डालकर दूल्हा और दुल्हन पक्ष की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। प्रदेश में अप्रैल माह में शादियों का सिलसिला शुरू होने वाला है। परंतु सरकारी विभागों और निजी कंपनियों में काम करने वाले दूल्हे और दुल्हन कई जगह कर्फ्यू के कारण अपने-अपने ड्यूटी संस्थानों और क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। अधिकतर दूल्हे और दुल्हन के परिवार वालों ने कोरोना वायरस के चलते शादियों को इस वायरस के खतरे के खत्म होने के बाद करने पर चर्चा छेड़ दी है। दोनों परिवारों की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। कई जगह दूल्हे और दुल्हन वालों ने आपस में सहमति बनाकर शादी करने का निर्णय अगली तिथियों को करने का फैसला लिया है।
इसके लिए दूल्हे और दुल्हन वाले विवाह करवाने वाले पुरोहितों को पूछ कर शादी का दूसरा मुहूर्त निकालने में जुट गए हैं। भोरंज उपमंडल के मनभी गांव के कमल कुमार ने बताया कि उनके भांजे की शादी 13 अप्रैल को थी। परंतु कोरोना वायरस के चलते शादी को रोक दिया गया है। शादी की अगली तिथि पंडित से मुहूर्त निकाल कर तय की जाएगी। उधर, सतीश कुमार ने बताया कि उनके भतीजे की शादी भी अप्रैल 20 को है। परंतु कोरोना वायरस की वजह से शादी रोकने का निर्णय लिया गया है। अगली तिथि मुहूर्त के अनुसार तय की जा रही है। यही हाल प्रदेश के अन्य जिलों में होने वाली शादियों का भी है। कुछ शादियां ऐसे भी रुकी हैं जो दूल्हे फौज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन, कोरोना वायरस के फैलने की वजह से फौजी को छुट्टी न मिलने की वजह से शादी को रोकना पड़ रहा है। कोरोना वायरस के चलते केंद्र और राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि 4 या 5 से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। जिसकी वजह से लोगों ने शादियों को रोकने का निर्णय लिया है। उधर, पंडित विश्न दास ने कहा कि लोग उन्हें शादियों को स्थगित कर आगामी तिथियों व मुहूर्त के बारे में फोन कर रहे हैं।