हमीरपुर। जिले में जन्माष्टमी पर्व के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुकानदारों ने श्रीकृष्ण की वेशभूषा बनाने के लिए छोटे बच्चों के लिए कपड़े, बांसुरी, झूले, पलंग और अन्य सामान भी सजा दिया है। वहीं, लड्डू गोपाल के लिए भी कपड़े, मुरली व अन्य सामान बाजार में लोगों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। जन्माष्टमी का त्योहार जिलाभर के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी धूमधाम से मनाया जाता है।
लोग अपने बच्चों को श्रीकृष्ण व श्रीराधा की वेशभूषा में सजाते हैं तथा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। वहीं बच्चे भी इस पावन त्योहार के लिए खासे उत्साहित रहते हैं। उन्हें रंग बिरंगी बांसुरियां, कपड़े व अन्य खाने के लिए मिठाई दी जाती हैं। वहीं, त्योहार की तैयारियों के लिए लोग बाजारों में भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं, ताकि समय पर सभी सामान इकट्टा हो सके। बाजार में 500 रुपये के श्रीकृष्ण की वेशभूषा के कपड़े, 250 रुपये का झूला और 100 से 200 के बीच बांसुरियां मिल रही हैं।
क्या कहते हैं लोग-
लोगों की भगवान श्रीकृष्ण में गहरी आस्था है। जन्माष्टमी का पावन त्योहार लोग धूमधाम से मनाते हैं। लोग अपने बच्चों के लिए श्रीकृष्ण की वेशभूषा वाले कपड़ों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
-संदीप, दुकानदार।
जन्माष्टमी के त्योहार का लोग हर वर्ष इंतजार करते हैं। लोग स्कूलों आदि में होने वाले कार्यक्रमों के लिए अपने बच्चों के लिए कपड़ों व अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं।
मुन्ना वर्मा, दुकानदार।
बच्चों के स्कूल में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों के लिए कपड़े, बांसुरी आदि की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं घर में भी जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा, इसलिए भी सामान की खरीदारी की जा रही है।
बेबी, महिला।
बच्चों में आस्था को विकसित करना बहुत जरूरी है, ताकि बच्चे बुराई व अच्छाई में फर्क समझें व सही मार्ग पर चलें। जन्माष्टमी पर बच्चों को श्रीकृष्ण व श्रीराधा की वेशभूषा में सजाते हैं ताकि वह भगवान के बताए मार्ग पर चलें।
ऊषा, महिला।