कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन रसील सिंह मनकोटिया ने बैंक के वर्तमान चेयरमैन जगदीश चंद सिपहिया के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सोझ-समझ कर बोलने की नसीहत दे डाली है।
आरएस मनकोटिया ने कहा कि सिपहिया ने हाल ही में एक बयान में हमीरपुर की एक पंचायत में चार बैंक शाखाएं खोलने के झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत कालेअंब में एक ब्रांच खोली है जो कि टौणीदेवी ब्रांच से छह किलोमीटर और हमीरपुर से सात किलोमीटर दूर है।
पूर्व में प्रदेश भर में सारी ब्रांचें सर्वे के आधार पर खोली गई और न्यूनतम किराये पर भवन लिए गए। सिपहिया ने अपने कार्यकाल में सारा रिकॉर्ड होते हुए भी बैंक को घाटे में डालकर चहेतों को खुश करने के लिए महंगे भवनों में बैंक शाखाएं खोलीं।
मनकोटिया ने कहा सुजानपुर से महज एक किलोमीटर दूरी पर आलमपुर में वर्तमान अध्यक्ष ने एजीएम का पद सृजित कर बैंक शाखा खोल दी। आलमपुर से महज दो किलोमीटर की दूरी पर गांव भेड़ी में पहले से केसीसीबी की शाखा है।
हमीरपुर के अणु में पहले से 10 हजार रुपये किराये के भवन में बैंक चल रहा था, लेकिन अब 35 हजार रुपये किराये के भवन में शिफ्ट कर दिया गया। इसी तरह पालमपुर और अन्य कई जगहों पर चहेतों को लाभ देने के लिए भारी-भरकम किराये पर बैंक शाखाएं खोली हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिपहिया ने अवाहदेवी शाखा को इसलिए बंद किया क्योंकि वहां पर सांसद अनुराग ठाकुर की उद्घाटन पट्टिका लगी थी। मनकोटिया ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर अवाहदेवी ब्रांच दोबारा खोली जाएगी।
उन्होंने वर्ष 2002 से 2012 और कांग्रेस कार्यकाल में बैंक कार्यों की सीबीआई जांच की मांग की है। मनकोटिया ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेसी और केसीसीबी के निदेशक केशव कोरला की इस मांग को अगर सिपहिया पूरा करते हैं तो सच सामने आ जाएगा।