संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला के नादौन क्षेत्र के जसाई गांव में दसवीं के एक छात्र की हत्या के उद्घोषित अपराधी को पीओ सैल हमीरपुर की टीम ने 17 वर्ष बाद दबोचा है। 17 वर्ष पहले अपहरण और मर्डर के उद्घोषित अपराधी को पुलिस टीम ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है।
आरोपी भेष बदलकर और नकली आधार कार्ड बनाकर पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से रह रहा था। वर्ष 2008 में जसाई गांव में आरोपी कन्हैया लाल अपने दो साथियों वीरपाल और रणजीत के साथ एक जमीन पर किसी के यहां पर खेतीबाड़ी का काम करता था। आरोपी ने जसाई के रहने वाले दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले मनीष की अपहरण की वारदात को अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
आरोपियों ने परिजनों से 22 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। इस दौरान पुलिस काे मामले की शिकायत मिली। आरोपियों ने छात्र की हत्या कर मान खड़्ड में लाश तिरपाल और घास में छुपाई थी।
पुलिस जांच में शव बरामद हुआ और उसके बाद तीन आरोपियों सहित कन्हैया लाल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मामले में चालान पेश किया। इस दौरान वर्ष 2009 में अदालत में पेशी के दौरान आरोपी नहीं पहुंचा। इसके बाद अदालत की ओर से इस भगोड़ा घोषित किया गया।
वहीं, मामले में दो आरोपियों को अदालत ने सजा सुनाई। दो आरोपियों ने सत्र न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कन्हैया लाल फरार हो गया। हमीरपुर पीओ सेल की टीम ने आरोपी को जाल बिछा चंडीगढ़ के 32 सेक्टर से दबोचा।
हत्या का उद्घोषित अपराधी पुलिस टीम के साथ। संवाद।