टौणी देवी (हमीरपुर)। बिजली बोर्ड आउटसोर्स कर्मियों के लिए सरकार स्थाई पॉलिसी बनाए। भविष्य के लिए बिजली बोर्ड में बिजली मित्र और मल्टी टास्क वर्कर जैसी भर्तियां बोर्ड में न की जाएं। यह मांग राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज ने की है।
मीडिया को दिए बयान में नितिश ने बताया कि बिजली बोर्ड में आउटसोर्स कर्मचारी हैं, जो लंबे समय से अपनी सेवाएं बिजली बोर्ड में दे रहे हैं। आज तक उनकी कोई स्थाई पॉलिसी नहीं बन पाई है। इन कर्मचारियों के साथ शोषण हो रहा है।
राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड में कर्मचारियों की कमी खल रही है। जब प्रदेश में दस लाख बिजली उपभोक्ता हुआ करते थे, तब बिजली कर्मचारियों की संख्या लगभग 43 हजार थी। अब बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 28 लाख को पार गई है और कर्मचारियों की संख्या लगभग 12 हजार तक रह गई है।
बिजली बोर्ड में करीब नौ हजार पद खाली चल रहे हैं। काम के दबाव में बिजली कर्मी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश सरकार से कई बार पदों को भरने की मांग की गई है। अभी तक कई पदों को भरा नहीं गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड के एमडी आदित्य नेगी ने बताया कि बिजली बोर्ड में पद खाली हैं। जल्द ही बिजली मित्रों की भर्ती की जाएगी।