ग्राम पंचायत कार्यालय में सहकारी सभाएं विभाग 24 को करेगा सुनवाई
100 से अधिक ऋणियों को विभाग की ओर से जारी किए हैं नोटिस
सभा सचिव, कमेटी मेंबर को भी जारी किए गए नोटिस, रिकाॅर्ड होगा चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। दि संगरोह कृषि सेवा सहकारी सभा में साल 2020-21 में वितरित किए गए ऋणों की जांच होगी। इसकी सुनवाई 24 जुलाई को ग्राम पंचायत समीरपुर के कार्यालय में होगी। 100 से अधिक ऋणियों को सहकारी सभाएं विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। ऋणियों के साथ सभा के सचिव, वर्तमान तथा पूर्व कमेटी पदाधिकारियों को सुनवाई में शामिल होने के लिए नोटिस दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3.90 करोड़ के लोन 100 से अधिक लोगों को वितरित किए गए हैं, जिनकी जांच होगी।
साल 2020-21 में सभा के ऑडिट के दौरान कुछ खामियां पाई गई थीं। ऑडिट पैरा में खामियों की जांच का जिम्मा सहकारी सभाएं विभाग हमीरपुर के जिला निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपा गया। वह इस मामले की जांच कर रहे हैं। लंबा वक्त बीतने के बाद भी इस मामले की जांच अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है। विभाग का तर्क है कि सभा के सचिव की ओर से जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। जबकि, सभा सचिव का दावा है कि विभाग को तमाम रिकाॅर्ड सहकारी सभाएं कार्यालय हमीरपुर में उपलब्ध करवाया गया है। इस बीच विभाग की ओर से यहां पर प्रशासक की नियुक्ति भी की गई है लेकिन प्रशासक की नियुक्ति को सभा ने चुनौती दी है। कोर्ट में प्रशासक की नियुक्ति पर स्टे लगा दिया गया है हालांकि जांच अधिकारी इस मामले में जांच कर रहे हैं। अब फिर जांच पर सुनवाई से कुछ हद तक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस दौरान ऋणियों के अमानत खाते और बैंक रिकाॅर्ड भी चेक किया जाएगा। इससे स्पष्ट हो पाएगा है कि ऋण आवंटन में कोई धांधली हुई है अथवा नहीं। यह सुनवाई 24 जुलाई को 11 बजे पंचायत कार्यालय में शुरू होगी।
निवेशकों को स्थिति स्पष्ट होने से मिलेगी राहत
सभा के ऑडिट पैरा में खामियों की जांच से सभा के निवेशकों में संशय की स्थिति बनी हुई है। विभाग इन खामियों की जांच कर रहा है लेकिन अभी तक कुछ भी निष्कर्ष निकल कर सामने नहीं आया है। अब इस मामले में ऋणों की जांच सुनवाई होने से काफी हद तक सभा के निवेशकों को भी राहत मिलेगी।
कोट
सहकारी सभाएं हमीरपुर की सहायक पंजीयक वीना भाटिया ने कहा कि मामले में ऋणों की जांच सुनवाई रखी गई है। 24 जुलाई को यह सुनवाई होगी। इस बारे में ऋणियों और सभा को सूचित कर दिया गया है।
सभा सचिव किशोरी लाल का कहना है कि बीते मई और जुलाई में जांच सुनवाई की गई है। बार-बार बैठक बुलाकर ऋणियों को तंग करने का कार्य किया जा रहा है। कायदे से सुनवाई सभा कार्यालय में होनी चाहिए लेकिन ग्राम पंचायत में सुनवाई रखी गई है। उन्होंने कहा कि सभा के ऑडिट जांच में कोई खामियां नहीं पाई गई हैं। विभाग को जांच में पूरा सहयोग किया गया है और साल 2002 से लेकर 2023 तक का रिकाॅर्ड विभाग को सौंपा गया है।