सुजानपुर ( हमीरपुर)। स्थानीय कस्बे में प्रवासियों को कमरे में डेरा दे करके कुछ मकान मालिक किराए के नाम पर चांदी कूट रहे हैं। हैरत की बात है कि एक कमरे में आठ से दस लोग ठहराए हैं। महत्वपूर्ण पहलू है कि मकान मालिकों द्वारा ठहराए लोगों की जानकारी स्थानीय प्रशासन या नगर परिषद को नहीं दी गई है।
यहां ठहरे लोग होली मेले के दौरान सुजानपुर में विभिन्न प्रकार के कारोबार करने आए थे। लॉकडाउन के चलते दर्जनों लोग यहां फंस गए। नियमों के मुताबिक जहां प्रवासी लोगों की सूचना व पता आपराधिक घटनाओं को रोकने को लेकर पुलिस थाना में दर्ज करवाना आवश्यक है। वहीं दूसरी ओर किराएदार चाहे प्रवासी या स्थानीय क्षेत्र का रहने वाला हो मकान मालिकों को नगर परिषद में भी दर्ज करवाना होता है।
मकान मालिकों ने कायदे कानून नजरअंदाज कर दिए हैं। प्रशासन अपनी जिम्मेवारी निभा कर बाकायदा इन प्रवासियों को राशन भी उपलब्ध करवा रहा है। वहीं नगर परिषद अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों ने मंगलवार को निरीक्षण के दौरान स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासन को अवगत करवा दिया है। नगर परिषद कुछ शुल्क भी मकान मालिक से लेती है। लेकिन मकान मालिकों ने अपने ऊपर किराएदारों रखने की एवज में लगने वाले टैक्स की अदायगी से बचने के लिए किराएदार ही नहीं दर्शाये हैं।
एक-एक कमरे और बंद दुकान में मकान मालिकों ने 8 से 10 कि संख्या में प्रवासी ठहराए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर शौचालय तक की व्यवस्था पर सवाल पैदा हो गया है।
नगर परिषद के वार्ड 8 की पार्षद ज्योति शर्मा ने नगर परिषद अध्यक्ष के साथ मौके पर पाया कि मोहल्लों में लोगों ने बंद पड़ी दुकानों व कमरों में प्रवासी ठहराए हैं। एक एक कमरे में आठ से दस लोग ठहराए हुए हैं। जिनके सोशल डिस्टेंसिंग व शौचालय की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष अशोक मेहरा ने बताया कि प्रशासन को बाकायदा अवगत करवा दिया है तथा ऐसे ठहरे हुए प्रवासियों का किसी भी मकान मालिक ने रिकॉर्ड नहीं दिया है।