यूपीएस भी दुरुस्त किया, कॉलेज में अब रोजाना हो रहे 200 से अधिक टेस्ट
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का दावा : मरीजों का निजी लैबों में निर्भरता होगी कम
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में स्थापित लैब टेस्ट मशीनों को अपग्रेड कर दिया है। इसके अलावा यूपीएस को भी ठीक कर लिया है। इससे मेडिकल कॉलेज में रोजाना होने वाले टेस्ट की संख्या में इजाफा हुआ है। पहले जहां रोजाना औसतन 80 से 100 टेस्ट होते थे। अब यहां पर रोजाना 200 से अधिक टेस्ट हो रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गाइडलाइन के मुताबिक मेडिकल कॉलेज की कुल ओपीडी में आने वाले मरीजों के टेस्ट अस्पताल में ही होने चाहिए। हालांकि कई बार टेस्ट मशीनें खराब होने के कारण मरीजों को बाहर निजी लैबों में टेस्ट करवाने पड़ते हैं। दो दिनों से टेस्ट में प्रयोग होने वाली मशीनों को अपग्रेड कर दिया है। जो मशीनें खराब थी,उन्हें भी ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा टेस्ट करने वाले स्टाफ को भी अधिक से अधिक टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि इससे मरीजों का निजी लैबों में निर्भरता कम होगी। मरीजों को कॉलेज में ही उचित स्वास्थ्य लाभ दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री और हिमोटोलॉजी लैब में टेस्ट होते हैं।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अस्पताल प्रबंधन प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि कुछ मशीनों को अपग्रेड किया गया है। अधिक से अधिक टेस्ट करवाने के लिए जिस सामग्री की कमी थी, उसे पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब रोजाना 200 से अधिक टेस्ट हो रहे हैं।-देसराज शर्मा, एमएस मेडिकल कॉलेज हमीरपुर