हमीरपुर। आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में मरीजों की जांच के लिए बनी लैब पिछले 19 माह से लैब टेक्नीशियन के इंतजार में है। टेक्नीशियन न होने के कारण अस्पताल में जरूरी जांचें नहीं हो पा रही हैं।
ऐसे में सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को जांच के लिए निजी लैबों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। अस्पताल में तैनात लैब टेक्नीशियन 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद से पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है।
विभाग ने आउटसोर्स आधार पर टेक्नीशियन रखने की कवायद की, लेकिन चयनित व्यक्ति के ज्वाइन न करने से मामला फिर अधर में लटक गया। इससे अस्पताल की लैब सेवा पूरी तरह ठप हो गई है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। चिकित्सकों द्वारा जांच लिखे जाने पर मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। कई मरीज निजी लैबों में जांच करवाते हैं, जबकि कुछ मेडिकल कॉलेज का रुख करते हैं, जहां उन्हें लंबी कतारों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने सरकार से लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाकर जल्द जांच सुविधा बहाल करने की मांग की है।
कोट
लैब टेक्नीशियन के रिक्त पद के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पद भर लिया जाएगा।
-वनीता शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर