रंगस (हमीरपुर)। आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में बनाए आयुष हर्बल गार्डनों के जरिये मरीजों को उपचार के साथ औषधीय पौधों का भी ज्ञान दिया जाएगा। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश के 421 आयुष स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों व अस्पतालों में 100 वर्ग मीटर भूमि पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के माध्यम से आयुष हर्बल गार्डन बनाए गए हैं।
योजना के तहत प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में जलवायु के आधार पर औषधीय पौधों में बिलब, आंवला, जामुन, अर्जुन और झाडीनुमा औषधीय पौधों में लेमनग्रास, चमेली, तुलसी व अश्वगंधा के अलावा ब्राह्मी, अपराजिता और गिलोय आदि के पौधे आयुष हर्बल गार्डन में लगाना अनिवार्य था। इसके तहत उष्णकटिबंधीय क्षेत्र जिला हमीरपुर व ऊना के कुल 72 स्वास्थ्य केंद्रों में हर्बल गार्डन बनाए गए हैं। जिला हमीरपुर के जोलसप्पड़, नौहंगी, जंगलबैरी आदि स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा ऊना के मंदली, अंदौरा व लठियानी आदि स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष हर्बल गार्डन स्थापित किए गए हैं। इनमें अश्वगंधा, तुलसी, शतावरी व एलोवेरा जैसे औषधीय पौधे लगाए गए हैं। आयुष स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र जोलसप्पड़ की प्रभारी डॉ. तमन्ना ने कहा कि आयुष स्वास्थ्य केंद्र जोलसप्पड़ में हर्बल गार्डन बनकर बिल्कुल तैयार हो गया है। शीघ्र ही स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाने आने वाले मरीजों को औषधीय पौधों के महत्व और इनके औषधीय उपयोग के बारे में भी जागरूक करना शुरू किया जाएगा।
कोट
जिला आयुष अधिकारी डॉ. देशराज वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत बहुत ही अच्छा अभियान छेड़ा गया है ताकि लोगों को घर के आसपास ही आयुष हर्बल गार्डन का निर्माण करने के बारे में जागरूक किया जा सके।