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अब सीटू के साथ मिलकर खोखाधारकों ने शहर में निकाली रैली

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नोटिस वापस लेने के लिए जिला मुख्यालय में रैली निकालते खोखाधारक। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। सरकार और प्रशासन से राहत न मिलने पर अब शहर के खोखाधारक सीटू की शरण में चले गए हैं। जिससे यह मामला अब राजनीतिक बनता दिख रहा है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सड़क पर अतिक्रमण और शहर की सुंदरता से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। खोखाधारकों को पक्की दुकानों में शिफ्ट होना ही पड़ेगा। प्रशासन ने नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, आईपीएच और बिजली बोर्ड समेत संबंधित विभागों को एक हफ्ते के भीतर खोखे वाली जमीन को खाली करवाने के आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त के आदेशों का पालन करते हुए नगर परिषद ने अब दूसरी बार खोखाधारकों को नोटिस जारी कर दिए हैं। लेकिन, इस बीच सोमवार को खोखा यूनियन हमीरपुर, भारत की जनवादी नौजवान सभा और सीटू की ओर से हमीरपुर बस अड्डे के सामने दुकानों को खाली करवाने के फरमान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
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हमीरपुर बाजार में सभी प्रभावित खोखाधारकों, दुकानदारों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एसडीएम को अपना मांग पत्र सौंपा। जिसमें सीधे तौर पर यह मांग की गई है कि खोखाधारकों को हटाने को लेकर दिए गए आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और जब तक उनके लिए उपयुक्त स्थान जहां पर उनका व्यापार प्रभावित न हो, बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक इन्हें तंग न किया जाए। इस मामले में 58 खोखाधारकों और दुकानदारों व उनके परिवार बुरी तरह से प्रभावित हैं। उनकी आजीविका का एकमात्र साधन यही है। डीवाईएफआई के प्रदेशाध्यक्ष अनिल मनकोटिया ने कहा कि एसडीएम हमीरपुर ने इस मामले में खोखे न हटाने को लेकर आश्वासन दिया और कुछ समय में इसका हल निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद तमाम खोखाधारक और दुकानदार नगर परिषद कार्यालय में ईओ से मिले और उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाया। इस प्रदर्शन में विवेक राणा, सुरेश राठौर, जनता खोखा यूनियन के प्रधान विरेंद्र मल्होत्रा, सचिव अरुण पटियाल, गोपाल और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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