नादौन (हमीरपुर)। जम्मू-कश्मीर के प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सर्दियां शुरू होने के साथ ही कश्मीरी लोग रोजी-रोटी और अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए हिमाचल की वादियों में आ जाते हैं। यह लोग सितंबर-अक्तूबर माह में भारी संख्या में कश्मीर से हिमाचल में कश्मीरी शालें, कंबल, गलीचे और लकड़ी के कटान का काम करने के लिए हिमाचल आते हैं और गर्मियां शुरू होते ही यह लोग वापस अपने घरों को चले जाते थे। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं हो सका। कोविड-19 के चलते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लॉकडाउन का एलान कर दिया गया, तभी से यह लोग जहां रहते थे, वहीं पर रहने को मजबूर हो गए। नादौन उपमंडल में 500 कश्मीरी लोग रह रहे हैं, इनमें से 82 लोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से बसों में लखनपुर तक भेज दिया गया।
अब बचे हुए बाकी कश्मीरी लोगों को जल्द ही इनके घरों तक पहुंचाने में स्थानीय प्रशासन बहुत तेजी से प्रयास कर रहा है। इम्तियाज मोहम्मद, अशरफ, शबीर मोहम्मद, मकबूल, मुस्ताक अहमद, फारुख, आमिर, यूसुफ बैग और शौकत अली ने बताया कि इस बार हम कश्मीर में अपने घरों तक गर्मियां शुरू होने से पहले नहीं पहुंच सके, लेकिन हमें यह महसूस ही नहीं हुआ कि हम अपने घर में नहीं हैं या घरों से दूर हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से किए जा रहे कार्यों से किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने भी हमारी पूरी मदद की। इन लोगों ने बताया कि आपदा की घड़ी में हम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं क्योंकि जान है तो जहान है। इस संबंध में एसडीएम किरण भड़ाना ने बताया कि हमारे पास 500 कश्मीरी लोगों की लिस्ट बन कर तैयार है। इसमें से 82 लोगों को उनके घर भेज दिया गया है। अगली लिस्ट की सूची उपायुक्त महोदय को भेज दी है, जिसे मंजूरी मिलते ही बाकी बचे लोगों को उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार सुमेध शर्मा ने बताया कि इन सभी लोगों के मेडिकल चेकअप करवा कर तथा बसों को भी सैनिटाइज करके रवाना कर दिया गया।