दूध उत्पादन ने हमीरपुर के अणु गांव के कर्ण की तकदीर ही बदल दी है। वर्ष 2013 में दूध गंगा योजना से जुड़ने के बाद कर्ण की जिंदगी ही बदल गई। अब एक महीने में दूध उत्पादन से एक लाख की आमदनी हो रही है।
नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए कर्ण प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। कर्ण की सफलता से प्रभावित होकर इसी गांव के अन्य लोगों ने भी दूध उत्पादन का काम शुरू किया है। कर्ण की पंचायत में ही पांच डेयरी फार्म क्रियाशील हो गए हैं। अणु क्षेत्र में प्रतिदिन 40 से 45 हजार रुपये के दूध का रोजाना उत्पादन हो रहा है।
वर्तमान में पंचायत में पांच डेयरी फार्म क्रियाशील हैं। इनमें कर्ण डेयरी फार्म 120 लीटर, पप्पू डेयरी फार्म 60 लीटर, मनोज डेयरी फार्म 40 से 50 लीटर, संजीव डेयरी फार्म 30 लीटर और परमिंद्र डेयरी फार्म 20-30 लीटर दूध का रोजाना उत्पादन कर रहे हैं।
कर्ण डेयरी फार्म के मालिक कर्ण ने बताया कि ग्रेजुएशन करने के बाद सरकारी/अर्धसरकारी क्षेत्र में नौकरी की तलाश में भटक रहे थे, उसी दौरान पशु पालन विभाग ने अणु पंचायत में शिविर लगाया।
इसमें विभागीय अधिकारियों ने प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इनमें दूध व्यवसाय को अपनाकर घर बैठे रोजगार सृजन करने के बारे में बताया गया। कर्ण बताते हैं कि 2013 में डेयरी फार्म को चलाने के लिये घर में चर्चा की।
कर्ण ने बैंक से पांच लाख का ऋण लेकर डेयरी फार्म खोला जिस पर विभाग ने 1.25 लाख रुपये का उपदान दिया। वर्तमान में कर्ण के डेयरी फार्म में 14 गाय हैं जिनसे रोजाना 120 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है।