कोहली की काजल व कोमल द्वारा तैयार की गई पूजा सामग्री। संवाद
हमीरपुर। डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी की तलाश करने के बजाय कोहली गांव की काजल और कोमल ने अपने हुनर को ही रोजगार का जरिया बना लिया है। क्रोशिये और हस्तशिल्प से आकर्षक उत्पाद तैयार कर दोनों घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से कारोबार चला रही हैं।
इससे होने वाली मासिक कमाई से वे परिवार को आर्थिक सहारा दे रही हैं। उनकी यह पहल अन्य युवतियों के लिए भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा बन रही है।
काजल और कोमल ने क्रोशिये और हस्तशिल्प का काम सीखने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। ऑनलाइन वीडियो देखकर उन्होंने बुनाई की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे सजावटी उत्पाद तैयार करने शुरू किए।
वे क्रोशिये से फूल, गुलदस्ते, दीवार सजाने के लिए वॉल हैंगिंग, मेज पर बिछाने के लिए मैट और सजावटी खिलौने बनाती हैं। दोनों अपनी रचनात्मकता से उत्पादों को आकर्षक रूप देने के साथ नए डिजाइन भी तैयार करती हैं।
ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से वे अपने उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। घर से काम करने के कारण उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ कारोबार संभालने का अवसर भी मिल रहा है।
कोहली की काजल व कोमल द्वारा तैयार की गई पूजा सामग्री। संवाद