गर्मियों के मौसम में पेयजल संकट से निपटने को आईपीएच विभाग ने विशेष प्लान तैयार किया है। पेयजल सप्लाई छोड़ने के बाद जेई की अध्यक्षता में आईपीएच कर्मचारी संबंधित क्षेत्र का दौरा करेंगे। जो कोई उपभोक्ता पाइप लाइनों से टुल्लू पंप या प्लास्टिक पाइपें लगाता पकड़ा जाएगा।
उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला की पेयजल योजनाएं नदियों पर निर्भर हैं। गर्मियों में नदियों का जलस्तर गिरने से जिला में पेयजल समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में लोग नलों के साथ टुल्लू पंप का प्रयोग करते हैं।
इसके चलते पाइप लाइन के आखिरी कनेक्शन तक पानी की सप्लाई नहीं पहुंच पाती। अब आईपीएच विभाग ने निर्णय लिया है कि टैंक से पेयजल सप्लाई छोड़ने के बाद आईपीएच कर्मचारी जेई के नेतृत्व में पेयजल कनेक्शनों का औचक निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान पेयजल कनेक्शन के साथ टुल्लू पंप या प्लास्टिक पाइपें लगी पकड़ी जाएंगी, उनके टुल्लू पंप या पाइपें जब्त कर ली जाएंगी। लगातार तीन बार पकड़े जाने पर उपभोक्ताओं का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा।
एक्सईएन नीरज भोगल का कहना है कि गर्मियों के मौसम में पेयजल संकट से बचने के लिए विभाग ने प्लान तैयार किया है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।