हमीरपुर। जिले के 96 प्राथमिक स्कूलों में नौनिहाल बिना शिक्षकों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इन स्कूलों में पिछले छह माह से किसी भी जेबीटी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई हैं। ऐसे में स्कूल में कार्यरत एक ही टीचर को प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ रहा है।
इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा स्कूलों में मिड-डे मील की व्यवस्था भी देखनी पड़ रही है। इससे अकेले छह कक्षाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
अभिभावकों में संजीव कुमार, युद्धवीर, विवेक, सुभाष, कृष्ण, कमलदीप, सुनीता कुमारी आदि आदि ने कहा कि जिला में 416 प्राथमिक पाठशालाएं हैं। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उन्होंने सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं देखकर विद्यार्थियों को दाखिल करवाया है। अब सरकारी स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों को स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इसी के चलते उन्होंने शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को भरने की मांग की है। इससे पूर्व भी पदों को भरने की मांग कर चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से पदों को भरने में लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
कोट
रिक्त पदों की फाइल निदेशालय भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद रिक्त पदों पर शिक्षकों को नियुक्ति दे दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
-कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर