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Hamirpur (Himachal) News: तीन गांवों में फैला पीलिया, 13 विद्यार्थियों सहित 23 लोग चपेट में आए

Thu, 12 Mar 2026 01:09 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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पीलिया प्रभावित स्वाहल क्षेत्र में स्क्रीनिंग को पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम। विभाग।
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय से सटे स्वाहल, बड़ू और मोहिं गांवों में पीलिया फैल गया है। राजकीय उच्च विद्यालय स्वाहल के 13 विद्यार्थियों सहित अब तक कुल 23 लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं।
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जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को पहला मामला सामने आने के बाद आठ मार्च तक लगातार केस बढ़ते रहे। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पेयजल का एक सैंपल फेल हुआ है।

पीलिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। बुधवार को दोनों विभागों ने पेयजल योजना के स्रोत, स्कूल के बोरवेल और ग्रामीणों के घरों में नलों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

स्वाहल, बड़ू और मोहिं गांवों में जमली पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने 19 फरवरी को बड़ू क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की सप्लाई वाले नल से पानी का सैंपल लिया गया था, जो जांच में फेल हो गया। रिपोर्ट में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया।
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इसके बाद 26 फरवरी को पेयजल योजना के स्रोत और अन्य स्टोरेज टैंकों से दोबारा सैंपल लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। साथ ही लोगों को दवाइयां वितरित करने के साथ पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिन बच्चों को पीलिया हुआ था, उनका उपचार मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में किया गया और उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

राजकीय उच्च विद्यालय स्वाहल के मुख्याध्यापक संदीप डढवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में पीलिया के मामले सामने आ रहे हैं। स्कूल के 13 विद्यार्थी भी इससे प्रभावित हुए हैं, जिसकी सूचना संबंधित विभागों को दे दी गई है। दोनों विभागों की ओर से पानी के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं।

बरसात और गर्मियों से पहले ही जलजनित रोगों की दस्तक
गर्मियों और बरसात की दस्तक से पहले ही जिला में जलजनित रोगों ने दस्तक दे दी है। बीते वर्ष भी जिला में टौणीदेवी, नादौन सहित कई क्षेत्रों में पीलिया और डायरिया के मामले सामने आ चुके हैं। दिसंबर 2025 में आईटीआई रैल में 30 विद्यार्थी पीलिया की चपेट में आ गए थे। इस वर्ष मार्च में ही जलजनित रोगों ने दस्तक देकर लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि हर बार जल शक्ति विभाग की जांच में पानी शुद्ध पाया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में यह पानी पीने योग्य नहीं होता है।

औद्योगिक इकाइयों की गंदगी खड्ड में मिलने का आरोप
स्थानीय निवासी विवेक काका सहित अन्य लोगों का कहना है कि जमली पेयजल योजना के आसपास स्थित औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक संस्थानों से निकलने वाला दूषित पानी खड्ड में मिल रहा है। यही पानी आगे पेयजल योजना के माध्यम से गांवों में पहुंच रहा है, जिससे पीलिया फैलने की आशंका है। लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में पुल निर्माण के कारण खड्ड का बहाव प्रभावित हुआ है, जिससे गंदगी जमा हो रही है और समस्या बढ़ गई है।

कोट्स
शनिवार को पेयजल योजना के पानी की जांच की गई थी, जिसमें पानी सही पाया गया। बुधवार को बड़ू स्थित स्टोरेज टैंक और स्रोत से दोबारा सैंपल लिए गए हैं।

-राकेश, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, हमीरपुर

अब तक कुल 23 लोग पीलिया की चपेट में आए हैं। गांवों में स्क्रीनिंग जारी है। अस्पताल में उपचार के बाद सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। पेयजल योजना का एक सैंपल जांच में फेल हुआ है, जबकि अन्य सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार है।
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-रमेश रतू, बीएमओ टौणीदेवी

पीलिया प्रभावित स्वाहल क्षेत्र में स्क्रीनिंग को पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम। विभाग।

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