हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण परियोजना चरण-2 की टीम तीन दिन के हिमाचल दौरे पर आ रही है। जापान की टीम सोमवार से तीन जिलों के किसानों को सब्जियां उगाने से लेकर उन्हें बाजार में बेचने तक की तकनीक को सिखाएगी। इसमें प्रदेश के 12 जिलों में से कुछ चयनित गांवों को ही शामिल किया गया है।
टीम में ट्रेनिंग कार्पोरेशन रुरल सर्वे आईसी नेट लिमिटेड के टखीरो टकागाकी और डाॅक्टर उमेश बाबू दौरे पर आ रहे हैं। लघु बागवानी सशक्तीकरण और संवर्धन के बारे में किसानों को जागरूक करेंगे। टीम किसानों को उन सब्जियों को उगाने का प्रशिक्षण देगी जिनसे मंडियों में उन्हें अच्छे दाम प्राप्त हो सकें। किसानों को टीम के सदस्य सब्जियों की गुणवता, उत्पादन और बाजार में बेचने तक के लिए एक कैलेंडर तैयार करने के बारे में बताएंगे। जायका-2 के साथ जापान की टीम सबसे पहले जिला हमीरपुर में 22 जनवरी को किसानों से मिलेगी और उन्हें सब्जियों को उगाने और बेचने का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। टीम 23 को जिला बिलासपुर और 24 जनवरी को सोलन में जायका से लाभान्वित हो रहे किसानों से मिलेगी।
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फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना चरण-2 के मीडिया सलाहकार राजेश्वर ठाकुर ने बताया कि एसएचईपी की टीम तीन जिलों के कुछ गांवों के किसानों को प्रारंभिक चरण में सब्जियों को बाजार के अनुसार उगाने और बेचने की तकनीक को सिखाएगी ताकि किसान अपनी आमदनी को दोगुना कर सकें।