रंगस (हमीरपुर)। आईटीआई रैल में 30 प्रशिक्षुओं के पीलिया की चपेट में आने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में पानी दूषित पाया गया है। बिना उबाले इस पानी को पी नहीं सकते। रिपोर्ट में पानी में कॉलीफार्म बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है।
विभाग की माइक्राेबायोलॉजी रिपोर्ट में पानी का सैंपल संदिग्ध पाया गया है। संदिग्ध सैंपल में पानी में अशुद्धियां, बैक्टीरिया या हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जिससे यह पीने के लिए असुरक्षित होता है। सैंपल वोरबेल, अकेडमिक ब्लॉक की टंकी और छात्रावास में रखी टंकी से लिए गए थे। इनको पानी की सप्लाई वोरबेल हो होती थी। अब इसका प्रयोग बंद कर दिया गया है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जल शक्ति विभाग की पानी की सप्लाई के सैंपल लिए हैं। इसकी रिपोर्ट दो से तीन दिनों के भीतर आ सकती है। हालांकि इससे पहले जल शक्ति विभाग की रिपोर्ट में वोरबेल के पानी में कॉलीफार्म बैक्टीरिया पाया गया था। शुक्रवार को भी एक विद्यार्थी में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं।
कुछ दिन पहले आईटीआई रैल के करीब 30 विद्यार्थियों में पीलिया पाया गया था। इतनी संख्या में मामले आने के बाद हड़कंप मच गया था।