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Hamirpur (Himachal) News: सड़क पर पेड़ गिरने से मुंडखर गैंड़ा में ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल

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ग्रामीणों को स्वास्थ्य उपचार के लिए जाने की भी हो रही दिक्कत
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सरकार और प्रशासन से सड़क पर पड़े बरगद के वृक्ष को हटाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के मुडखर गैंड़ा गांव के करीब 20 परिवारों को सड़क पर पेड़ गिरने से आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 23 मई को तूफान से सड़क पर वर्षों पुराना बरगद का पेड़ गिर गया है। लेकिन, विभागीय अधिकारी पेड़ को हटवाने में असमर्थ हैं। पेड़ के कारण बंद सड़क से ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। आपात स्थिति में ग्रामीणों को बीमार बुजुर्ग मरीजों को पालकी में बैठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों अशोक ठाकुर, सुनील, राकेश, प्रदीप, प्रकाश चंद, राम लाल आदि ने कहा कि पिछले छह दिन से संपर्क सड़क बंद पड़ी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के बुजुर्ग बीमार होने पर नियमित रूप में स्वास्थ्य उपचार के लिए अस्पतालों में जाते हैं लेकिन सड़क के बंद होने से दवाई लाना भी बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से मुख्यमंत्री, भोरंज के विधायक, जिलाधीश हमीरपुर, एसडीएम भोरंज, बीडीओ भोरंज, अग्घार वन परिक्षेत्र अधिकारी व स्थानीय पंचायत मुंडखर के पंचायत प्रधान को लिखित तौर पर समस्या से अवगत करवाया गया है लेकिन छह दिन के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इससे मुंडखर गैंड़ा गांव के ग्रामीण बेहद पेरशानी का सामना कर रहे हैं। इस बरगद के पेड़ के गिरने से राजकीय प्राथमिक पाठशाला चाब के शौचालयों को भी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व भोरंज के विधायक सुरेश कुमार से मांग की है कि सड़क पर गिरे बरगद के पेड़ को कटवा कर हटाया जाए ताकि ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो सके। उधर, मुंडखर पंचायत के उपप्रधान कमल प्रकाश ठाकुर ने कहा कि पेड़ को काटने का चरानी 80 हजार रुपए मांग रहे हैं। इतना फंड पंचायत के पास नहीं होता। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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