आईपीएच विभाग 42 करोड़ पचास लाख रुपये का कर्जदार हो गया है। विभाग ने बिजली बोर्ड के करोड़ों रुपये पर लंबे समय से कुंडली मार रखी है। सालों से आईपीएच विभाग अपने पेंडिंग बिलों की पूरी राशि का भुगतान नहीं कर पाया है। इस कारण आज राशि करोड़ों में पहुंच चुकी है।
एक साथ 42 करोड़ रुपये का भुगतान करना आईपीएच के लिए भी टेड़ी खीर साबित हो रहा है। मार्च 2016 तक के आंकड़ों के अनुसार आईपीएच को बिजली बोर्ड के 42 करोड़ पचास लाख का भुगतान करना है। साथ ही, 38 सरकारी विभागों में बोर्ड के 17 लाख 88 हजार रुपये फंसे हैं। मार्च तक इन रुपयों का भुगतान नहीं हुआ है।
बिजली बोर्ड की मानें तो आईपीएच विभाग को बिजली बिलों की राशि जमा करवाने के बारे में कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। हर बार नोटिस की अवहेलना हो रही है। विभाग बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रहा। लंबे समय से भुगतान न होने से राशि करोड़ों में पहुंच चुकी है।
बोर्ड अप्रैल माह में एक बार फिर आईपीएच को नोटिस भेजने की तैयारी में है। करोड़ों रुपये अटके होने के कारण बिजली बोर्ड को भी उपकरण खरीदने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। बिजली बोर्ड की माने तो इस बार नोटिस की अवहेलना पर बोर्ड कोई ठोस निर्णय लेगा।
इसकी जिम्मेवारी आईपीएच विभाग की होगी। लोगों के हित को देखते हुए बिजली बोर्ड आईपीएच विभाग का बिजली कनेक्शन नहीं काट रहा। राशि को वसूलने के लिए बोर्ड कोई ठोस रणनीति बनाएगा।
आईपीएच ने मार्च तक 42 करोड़ पचास लाख रुपये का भुगतान नहीं किया है। लंबे समय से आईपीएच विभाग बिजली बोर्ड का कर्जदार है। नोटिस के बावजूद भी पेंडिंग बिलों की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। बिजली बोर्ड अब कोई ठोस नीति अपनाएगा।
- अशोक शर्मा, अधिशाषी अभियंता, बिजली बोर्ड