हमीरपुर। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में मंगलवार को भौतिक विज्ञान विभाग की भविष्यवादी अनुप्रयोगों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हालिया प्रगति विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इसमें तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि केंद्रीय विवि धर्मशाला के प्रो. हूम चंद, आईआईटी मंडी के प्रो. सतिंद्र कुमार शर्मा, चंडीगढ़ विवि के डॉ. पी दीपक, मुख्य स्त्रोत व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहे। कुलपति ने कहा कि इस प्रकार की सम्मेलन से शोधार्थियों और विद्यार्थियों में नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलती है।
आने वाले समय में तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और टूल्स विश्लेषण के नए विचारों पर काम किया जा रहा है। भौतिकी ने विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। आगामी समय में समाज के सभी वर्गों के लिए यह नई तकनीक अहम भूमिका निभाएगी। वहीं, प्रो सतिंद्र कुमार शर्मा ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में 2-डी संक्रमण धातु डाइक्लो जेनाइड, फोटोनिक्स और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य नए विषयों और क्वांटम प्रौद्योगिकी अनुसंधान के बारे में भी बताया। इस पर आईआईटी मंडी में कार्य हो रहा है। इस मौके पर तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जयदेव, कुलसचिव कमल देव सिंह कंवर, वित्त अधिकारी नीरज सूद, सम्मेलन में जेएनजीईसी सुंदरनगर की डॉ. नीलम गुलेरिया, आरजीजीईसी नगरोटा बगवां के सुनील कुमार सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी मौजूद रहे। सम्मेलन के समन्वयक डॉ. जेपी शर्मा ने कहा कि पहले दिन दो तकनीकी सत्र भी हुए। इसकी अध्यक्षता प्रो. हुकम चंद और प्रो सतिंद्र कुमार शर्मा ने की। उन्होंने खगोल व वायुमंडल के रहस्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा एक टेबल राउंड इंटरेक्टिव सत्र भी हुआ, जिसमें एनआईटी हमीरपुर, राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर और गौतम कॉलेज हमीरपुर के भौतिक विज्ञान विभाग के शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने अपने विचार सबके समक्ष रखे।