हमीरपुर। चार बार सर्वे के बावजूद इंडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए विभाग को दस कनाल भूमि नहीं मिल सकी है। घनी आबादी वाले हमीरपुर शहर में सरकारी जमीन की किल्लत विभाग के लिए सिरदर्द बन गई है। शहर में एक जगह पर भूमि चिह्नित की गई है लेकिन जमीन कम होने की वजह से इस साइट को रद्द कर दिया गया है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू की घोषणा के बाद लाखों का बजट इस प्रोजेक्ट के लिए मंजूर हुआ है लेकिन जमीन चिह्नित न होने से विभाग की परेशानी बढ़ गई है।
जिला मुख्यालय में इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य भूमि न मिलने के कारण अधर में लटका हुआ है। विभागीय अधिकारी जगह न मिलने के कारण कार्य को शुरू कराने में विफल हो रहे हैं। अब निर्माण कार्य के लिए मिले बजट के लैप्स होने का खतरा बना हुआ है। इससे युवाओं का इंडोर स्टेडियम का सपना जमीन की तलाश में उलझ गया है। मुख्यमंत्री ने गृह जिला हमीरपुर के दौरे के दौरान जिला मुख्यालय में इंडोर स्टेडियम निर्माण करवाने की घोषणा की थी। निर्माण कार्य के लिए खेल विभाग को 35 लाख का बजट भी जारी कर दिया गया है लेकिन अब निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को हमीरपुर शहर में भूमि नहीं मिल पा रही है।
कार्य को लेकर विभागीय अधिकारी चार बार सर्वे कर चुके हैं लेकिन सर्वे के दौरान भूमि न मिलने से निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। इंडोर स्टेडियम निर्माण कार्य के लिए 10 कनाल भूमि का होना आवश्यक है लेकिन भूमि का न मिलना विभागीय अधिकारियों के लिए परेशानी बना हुआ है। भूमि उपलब्ध न होने और निर्माण कार्य शुरू न होने से बजट के वापस होने का खतरा बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग को इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए 35 लाख रुपये की राशि भेज दी हैं। विभागीय अधिकारी निर्माण कार्य को लेकर सर्वे कर रहे हैं। जमीन मिलने के बाद ही निर्माण कार्य को शुरू किया जा सकता है। स्टेडियम निर्माण होने से खिलाड़ियों को सभी खेल सुविधाएं मिलेगी। -विवेक, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी, हमीरपुर।
पूर्व ट्राला यूनियन के पास इंडोर स्टेडियम निर्माण को लेकर भूमि चयनित की गई थी लेकिन भूमि कम होने से भूमि का चयन नहीं हो पाया। अब शहर में अन्य स्थानों पर भूमि का सर्वे किया जा रहा है। भूमि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -संजय कटोच, एसडीओ लोनिवि हमीरपुर।