स्पोर्टस शापिंग क ांप्लेक्स हमीरपुर में बंदी पड़ी दुकानें इन दुकानों का किराया लंबे समय से पेंड
हमीरपुर। बस स्टैंड हमीरपुर के सामने स्थित 150 के करीब स्पोटर्स कांप्लेक्स की दुकानों का संचालन सवालों में है। किराये की उगाही को लेकर यहां पर किए गए नाममात्र प्रयासों और इस मसले पर प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल अपनेआप में सवाल बन गई है। दो साल पहले इस दुकानों का आवंटन किया गया था। बस स्टैंड के सामने पुरानी मार्केट से दुकानदारों को हटाकर यहां पर दुकानें दी गई हैं। इन दुकानदारों से किराया पुरानी दुकानों की तर्ज पर लिया जा रहा है। इसके अलावा नीलामी के जरिये आवंटित की गई दुकानों का किराया प्रति दुकान हजारों रुपये तय हुआ है। नीलामी में दुकानें दुकानदारों ने किराये पर ले ली हैं लेकिन अब इनका किराया नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अब लाखों का किराया लंबित हो गया है।
इस कांप्लेक्स को स्पोटर्स कांप्लेक्स सोसायटी हमीरपुर के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इस सोसायटी के अध्यक्ष डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह हैं। डीसी ने हाल ही यहां ज्वाइन किया है। सोसायटी में किराये की उगाही का जिम्मा नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी को दिया गया है। कई दुकानदार तो ऐसे हैं जो दुकानों के आवंटन के बाद से किराया नहीं दे रहे हैं। कई दुकानदारों ने तो आवंटन के बाद दुकानों को खोला तक नहीं है और इनका किराया भी नहीं चुका रहे हैं। ऐसे दुकानदारों को नोटिस देने के दावे प्रशासन और नगर परिषद की तरफ से हुए हैं लेकिन कितने दुकानदारों को नोटिस दिया गया है यह स्पष्ट नहीं किया गया है। प्रशासन और नगर परिषद की उलझन के चलते दुकानदारों की देनदारी बढ़ती जा रही है। हालांकि डीसी ने इस मामले में जांच की बात जरूर कही है।
डिफॉल्टर और भुगतान को लेकर सब मौन
इन सरकारी दुकानों के किराये की उगाही को लेकर नगर परिषद और प्रशासन के प्रयास सवालों में ही हैं। कितने डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए गए हैं और कितना भुगतान किराये के रूप में बाकी है, यह सब सोसायटी की तरफ से स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। ऐसे में यहां पर प्रशासन और सोसायटी के प्रयासों पर सवाल उठ रहे हैं। इस सोसायटी में जिन अधिकारियों को जिम्मा दिया गया है, वे सब मौन हैं और किराये की उगाही के सवालों पर फिलहाल टालमटोल की जा रही है।
स्पोटर्स कांप्लेक्स सोसायटी हमीरपुर के चेयरमैन डीसी अमरजीत सिंह ने कहा कि मामले में अधिकारियों से पूरी जानकारी ली जाएगी। यहां पर किराये का कितना भुगतान लंबित है और इसे लेकर क्या प्रयास हुए, इस विषय पर जानकारी लेकर आगामी कदम उठाए जाएंगे।