सुजानपुर(हमीरपुर)। राष्ट्र स्तरीय होली महोत्सव में इस बार महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए स्टाॅल मिलेंगे। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत डीआरडीए ने स्टाॅल लगाने के लिए निदेशालय को पांच लाख रुपये की डिमांड भेजी है। राशि का उपयोग स्टॉल निर्माण, सजावट, बिजली व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा कार्यों में किया जाएगा। महिलाएं चौगान में एक से 10 मार्च तक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर बिक्री कर सकेंगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। वर्तमान में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, मसाले,अचार,पापड़, बेकरी उत्पाद, हस्तनिर्मित वस्त्र, सजावटी सामान, प्राकृतिक रंग और हर्बल उत्पाद जैसे कई स्वदेशी सामान तैयार किए हैं, लेकिन बाजार और प्रचार के अभाव में इन उत्पादों को सीमित दायरे में ही बिक्री मिल पाती है।
ऐसे में इस बार विभाग की ओर से महिलाओं को मंच प्रदान करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे महिलाओं को राष्ट्र स्तर तक अपने उत्पाद बेचने के लिए सहायता मिलेगी। स्टाल लगाने के लिए महिलाओं को अपने नजदीकी विकास खंड कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र पर स्टाल में बेचने जाने वाले उत्पादों और सदस्यों के नाम लिखित में देने होंगे, ताकि स्टाॅल अलॉट करते समय किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
कोट
चौगान में एक से 10 मार्च तक स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं को उत्पाद बेचने के लिए स्टाॅल उपलब्ध करवाए जायेंगे। आयोजन के लिए डिमांड भेजी गई हैं। महिलाएं बीडीओ कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी।
-अस्मिता ठाकुर, जिला विकास अधिकारी, डीआरडीए