हमीरपुर। पशुपालन विभाग की ओर से सरप्लस दूध वाली पंचायतों में दूसरे फेज में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरे फेज में करीब 28 कोऑपरेटिव सोसायटियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पंचायतों में 18 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों में किसानों को डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटियों के गठन के फायदों के बारे में बताया गया है। इससे पहले प्रथम फेज में 34 पंचायतों में कोऑपरेटिव सोसायटियों के गठन का लक्ष्य निर्धारण था। इसमें 26 कोऑपरेटिव सोसायटी गठित की गई।
आठ पंचायतों ने कोऑपरेटिव सोसायटी गठन में हामी नहीं भरी थी। सरप्लस दूध वाली पंचायतों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी का गठन किया जाएगा। इन सोसायटी का पंजीकरण किया जाएगा। मिल्क फेडरेशन इन सोसायटी से दूध संग्रहित करेगा। पशुपालन विभाग प्रयास कर रहा है कि तीन फेज में सभी पंचायतों में सोसायटी का गठन कर लिया जाएगा।
कोट
डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी के गठन की प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है। दूसरे फेज में 28 सोसायटियों के गठन का लक्ष्य रखा है। सोसायटी के पंजीकरण होने से सोयायटी के लिए बनाई जाने वाली स्कीमों का लाभ आसानी से लाभार्थियों को मिलेगा। इससे अन्य पशुपालक भी प्रेरित होंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
-सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशु पालन विभाग, हमीरपुर