हमीरपुर। जिला हमीरपुर में टीबी मुक्त अभियान के लिए शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के दौरान पिछले डेढ़ माह में किए सर्वे में कोई भी टीबी का मरीज नहीं मिला लेकिन खुद अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे 87 लोगों में क्षय रोग पाया गया। हालांकि ये मरीज सर्वे के लिए चयनित क्षेत्र से बाहर के पाए गए हैं। जनवरी और फरवरी माह में क्षय रोगियों का यह आंकड़ा चौंकाने वाला है।
जिला हमीरपुर को क्षय रोग मुक्त करने के लिए बनाई गई टीमें लगातर गांवों में जाकर निरीक्षण कर रही हैं। इसके लिए बनाई गई 10 टीमों ने डेढ़ माह पूर्व 10 गांवों में सर्वे किया। जिसमें कुल 26 हजार लोगों की जांच की गई और 1300 सैंपल भी लिए। इनमें कोई भी मरीज क्षय रोग से ग्रसित नहीं पाया गया। वहीं, वर्ष 2020 में जिले में 714 मामले, 2021 में 810 और वर्ष 2022 में क्षय रोग के 764 मामले सामने आए हैं।
इन क्षय रोग से ग्रसित मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के तहत क्षय रोग से ग्रसित मरीज को हर माह 500 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग पोषण, रखरखाव के लिए किया जाता है। इस योजना के तहत वर्ष 2022 में कुल 20 लाख 16 हजार 500 रुपये क्षय रोग से ग्रसित मरीजों को दिए गए।
उधर, इस बारे टीबी मुक्त अभियान के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने कहा कि कोविड की तर्ज पर जब सैंपल बढ़ाए जाते हैं तो क्षय रोग के मामले बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि क्षय रोग से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसका इलाज संभव है। क्षय रोग से ग्रसित मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ दिया जाता है। जिला को वर्ष 2024 तक क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।