हमीरपुर। हमीरपुर में रसूखदारों के आगे नियम और कायदे कानून सब बौने साबित हो रहे है। इसका जीवंत उदाहरण नगर निगम हमीरपुर के तहत हाउसिंग कॉलोनी के नजदीक नाले पर किया गया अवैध निर्माण है।
तीन माह पूर्व शुरू किया कार्य अपने अंतिम चरण पर पहुंच चुका है, लेकिन इसे रोकने के लिए नगर निगम, पुलिस और प्रशासन के हाथ बंधे हुए नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने इसे रोकने के लिए नोटिस तो भेजे, लेकिन धरातल पर सच्चाई जानने के लिए कदम आगे नहीं बढ़ा पाई है। नगर निगम के अधिकारी भी भली-भांति इस अवैध निर्माण से परिचित हैं, लेकिन यह मकान किसी गरीब नहीं, बल्कि एक रसूखदार व्यक्ति का है।
ऐसे में प्रतीत होता है कि प्रशासन और संबंधित विभागों ने रसूखदारों के आगे घुटने टेक दिए हैं। खास बात यह है कि अक्तूबर-नवंबर माह से यह निर्माण जारी है। एक के बाद एक तीन मंजिल तक निर्माण कर अब चिनाई भी पूरी कर ली गई है। नगर निगम के तहत नवंबर माह में व्यक्ति ने नाले पर बनने वाले इस अवैध निर्माण को लेकर शिकायत भी दी थी। इसके बाद नगर निगम ने इस निर्माण को लेकर जिला प्रशासन से भी पत्राचार किया।
निगम की जांच में पाया गया कि यह जमीन गैरमुमकिन नाला किस्म की जमीन थी। इस जमीन को नहीं बेचा जा सकता है। हालांकि, इस जमीन को बेचा भी गया है और नियमों के विपरित धड़ल्ले से निर्माण भी हो रहा है, लेकिन नोटिस देकर महज कागज काले हो रहे हैं और अवैध निर्माण बेखौफ तरीके से जारी है।
इस जमीन की खरीद-फरोख्त में नियमों को ताक पर रखा गया है। राजस्व विभाग की भूमिका भी इस खरीद-फरोख्त में संदेह के दायरे में है, लेकिन यह तमाम संदेह और शंकाएं प्रशासन की बेरुखी से अवैध निर्माण को सुरक्षा दे रही हैं।
पुलिस से पत्राचार और काम रोकने के दावे भी हवा
नगर निगम के अधिकारियों ने पुलिस को भेजकर काम रोकने का दावा किया था, लेकिन यह दावे भी धरातल पर नहीं पहुंच पाए। मौके पर न तो पुलिस के कर्मी पहुंचे और न ही नगर निगम के अधिकारियों ने इसकी जानकारी ली कि काम बंद हो गया है या नहीं। नगर निगम की लचीली कार्यप्रणाली से वाकिफ उक्त व्यक्ति ने काम को निरंतर जारी रखा।
तीसरी मंजिल का ढांचा भी तैयार
अब उक्त व्यक्ति ने तीसरी मंजिल पर भी लैंटर डाल दिया है और ईंटों की चिनाई कर दुकानें भी तैयार कर ली हैं। अधिकारियों की मानें तो वह अपने केस को मजबूत करने के लिए नियमों के तहत फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, लेकिन जब तक नगर निगम की कार्रवाई होगी, तब तक काफी देर हो चुकी होगी, क्योंकि एक माह के भीतर शटरिंग को उतार दिया जाएगा और इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों को कोर्ट का सहारा लेना पड़ सकता है।
कोट्स :
नगर निगम नियमों के तहत अपनी कार्रवाई कर रहा है। अगर उसने निर्माण कर लिया है तो भी उसे गिराया जा सकता है। नियम सबके लिए बराबर हैं। निगम नियमों के अनुसार ही कार्रवाई करेगा। संबंधित विभागों और प्रशासन से भी इस विषय पर पत्राचार किया जाएगा।
-राकेश कुमार शर्मा, आयुक्त नगर निगम हमीरपुर
अवैध निर्माण पर कार्रवाई करना नगर निगम का अधिकार क्षेत्र है। यदि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का कोई मसला है तो उसे पुलिस विभाग डील करेगा। अभी ऐसा कोई मामला ध्यान में नहीं है।
-बलवीर सिंह, एसपी हमीरपुर
नगर निगम के तहत नाले पर स्थित नवंबर माह में तैयार किया गया दो मंजिला ढांचा
नगर निगम के तहत नाले पर स्थित नवंबर माह में तैयार किया गया दो मंजिला ढांचा