हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर के सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं से यूरिनल शुल्क के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है।
नगर निगम ने सभी शौचालयों के बाहर स्पष्ट सूचना पट्ट लगाए हैं कि महिलाओं से यूरिनल उपयोग का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन आरोप है कि कई स्थानों पर सफाई कर्मचारी इस आदेश की अनदेखी कर महिलाओं से 10 रुपये तक वसूल रहे हैं। कुछ मामलों में पैसे न देने पर उपयोगकर्ताओं से बहसबाजी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
गौरतलब है कि शिमला नगर निगम में महिलाओं से यूरिनल शुल्क वसूले जाने के मामले पर वर्ष 2024 में हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद प्रदेशभर के नगर निकायों ने महिलाओं से यह शुल्क लेना बंद कर दिया था।
हमीरपुर नगर निगम ने भी इस संबंध में सार्वजनिक शौचालयों के बाहर निशुल्क सुविधा की सूचना प्रदर्शित कर रखी है, लेकिन आरोप है कि धरातल पर इसका पालन नहीं हो रहा।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम को इस संबंध में कई मौखिक शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लिखित शिकायत का इंतजार है, जबकि लोगों का कहना है कि अवैध वसूली खुलेआम जारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार आने वाली कई महिलाओं को यह जानकारी नहीं होती कि यूरिनल सुविधा निशुल्क है, जिसका लाभ उठाकर उनसे शुल्क वसूला जा रहा है।
खस्ताहाल शौचालयों से भी लोग नाराज
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालत भी सवालों के घेरे में है। पुरुष यूरिनल में कई स्थानों पर हैंडवॉश उपलब्ध नहीं हैं, साबुन डिस्पेंसर खाली पड़े हैं और वॉश बेसिन के नल भी खराब हैं। सुविधाओं के अभाव के बावजूद शुल्क वसूले जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। शहर में नगर निगम के पांच से अधिक सार्वजनिक शौचालय संचालित हैं और अधिकांश स्थानों पर ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं।
कोट
हमारे पास इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। यदि कोई लिखित शिकायत देता है तो जांच कर संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-विकास शुक्ला, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर