हमीरपुर। जिले में इस बार प्रतिबंधित पटाखे बेचने वाले कारोबारियों पर एनजीटी के नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। इस बाबत डीसी हमीरपुर हेमराज बैरवा ने सभी एसडीएम को दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। जिला पुलिस की तरफ से भी सभी थाना प्रभारियों को क्षेत्र के अंतर्गत कड़ी निगरानी रखने की हिदायत जारी की गई है। एनजीटी के आदेशों के बाद प्रदेश सरकार ने भी ग्रीन पटाखों की बिक्री सुनिश्चित करने के सभी जिलों के डीसी और एसपी को आदेश जारी किए हैं। सरकार के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए हमीरपुर जिले में पटाखा कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिले में सभी पटाखा व्यापारियों को जिला, उपमंडल और तहसील मुख्यालय पर पटाखा बेचने के लिए बाकायदा बाजार सुनिश्चित किए गए हैं। ग्रीन जोन में ग्रीन पटाखे बेचने के लिए व्यापारियों को बाकायदा लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। भीड़-भाड़ वाले बाजारों में पटाखे बेचने की अनुमति जिले में नहीं है। बारिश के खलल के वजह से शुक्रवार को जिले में चिह्नित स्थलों पर पटाखा बाजार सज नहीं पाए हैं। हालात ऐसे हैं कि अभी तक टेंट इत्यादि भी नहीं लगे हैं। ऐसे में पटाखा व्यापारियों के पास पटाखा बिक्री करने के लिए दो दिन बचे हैं।
बयान-
डीसी हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा कि ग्रीन पटाखों की अनुमति व्यापारियों को दी गई है। जिले में प्रतिबंधित पटाखे बेचने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश फील्ड अधिकारियों को दिए गए हैं। सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने की हिदायत दी गई है। यदि कोई व्यापारी नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी हमीरपुर डाॅ आकृति शर्मा ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को इस सिलसिले में दिशानिर्देश दिए गए हैं। सभी व्यापारी चिह्नित स्थलों पर अनुमति के अनुसार पटाखे बेचें, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले में हर बड़े बाजार से बाहर पटाखा बिक्री के लिए जोन बनाए गए हैं। बाक्स:
क्या कहते हैं कारोबारी
पटाखा व्यापारी अक्षय कुमार का कहना है कि पिछले पांच साल से वह पटाखे बेचने का कार्य कर रहे हैं। ग्रीन पटाखे दूसरे पटाखों से 15 से 20 प्रतिशत तक महंगे हैं। बारिश की वजह से बाजार अभी तक सज नहीं पाया है। इस बार एक लाख के पटाखे खरीदे हैं। दिवाली को एक दिन बचा है, ऐसे में कितनी बिक्री होगी यह कहना मुश्किल है।
पटाखा व्यापारी रमन का कहना है कि बारिश की वजह से इस बार नुकसान होता दिख रहा है। ट्राला यूनियन के पास उन्हें बाजार सजाने के लिए अनुमति दी गई है। नगर परिषद हमीरपुर ने इसके लिए 1500 रुपये की पर्ची काटी है लेकिन अभी तक न चिह्नित स्थल पर टेंट लगे हैं और न ही लाइट इत्यादि की व्यवस्था है। उन्हें दुकान एक सरकारी बैनर के पीछे दी गई है। ऐसे में ग्राहक दुकान तक कैसे पहुंच पाएंगे।
पटाखा व्यापारी अमित का कहना है कि 80 हजार के ग्रीन पटाखे इस बार उन्होंने खरीदे हैं लेकिन बारिश की खलल की वजह से अभी बाजार ही नहीं सज पाया है। पटाखे पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी महंगे हैं। बाजार नहीं सजने से अब एक दिन की बिक्री के लिए बचा है। दिवाली के दिन भी रविवार है। ऐसे में उस दिन भी बिक्री को लेकर संशय है।