146 हाइड्रेंट की है मांग, अभी लगे हैं मात्र 33
आग की घटनाओं से निपटना हो सकता है चुनौतीपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलाभर में हाइड्रेंट की कमी है। जरूरत के मुताबिक हाइड्रेंट न होना प्रशासन के लिए चुनौती साबित हो सकता है। अभी त्योहारी सीजन चल रहा है। जिलाभर में करवाचौथ से बाजारों में बना चहल-पहल का माहौल दिवाली तक जारी रहेगा। इस दौरान यदि कोई आग जैसे कोई बड़ी घटना हो जाती है तो इससे निपटना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जिलेभर में 146 हाइड्रेंट की मांग है जबकि वर्तमान में 33 ही हाइड्रेंट लगाए गए हैं। कई हाइड्रेंट काम करने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि अग्निशमन विभाग की ओर हाइड्रेंट लगाने का प्रस्ताव छह नवंबर 2023 को सरकार को प्रेषित किया था। लेकिन, सरकार की ओर से इस तरफ कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। वहीं, अग्निशमन विभाग दीपावली के मद्देनजर तैयारियों में जुटा हुआ है। जितने हाइड्रेंट लगाए गए हैं, उनकी चेकिंग की जा रही है। यदि कोई हाइड्रेंट काम करने की स्थिति में नहीं है तो उन्हेें काम करने की स्थिति के अनुसार बनाया जा रहा है। हाइड्रेंट को पानी की पाइप से जोड़ा जाता है। आग लगने की स्थिति में फायर कर्मी इन हाइड्रेंट से पानी को गाड़ी में भर लेते हैं। हमीरपुर अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर प्रेम चंद ने कहा कि दीपावली को लेकर फायर विभाग की तैयारियां पूरी हैं। हाइड्रेंट का निरीक्षण किया गया है। जिले में 146 हाइड्रेंटों की मांग है। अभी 33 हाइड्रेंट लगे हैं। हाइड्रेंट लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही हाइड्रेंट की कमी को पूरा कर लिया जाएगा।
किस स्थान पर कितने हाइड्रेंट की मांग
हमीरपुर शहर में ही 83 हाइड्रेंट की मांग हैं जबकि यहां पर मात्र सात हाइड्रेंट ही लगे हैं। भोरंज में 14 हाइड्रेंटों के मुकाबले मात्र एक ही हाइड्रेंट लगा है। नादौन में 16 हाइड्रेंट की आवश्यकता है लेकिन यहां पर 11 लगे हैं। वहीं, मात्र एक ही कार्य करने की स्थिति में है। बमसन में चार हाइड्रेंट की मांग पर एक हाइड्रेंट के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। सुजानपुर में 13 हाइड्रेंट लगे हैं। बिझड़ी में 21 हाइड्रेंट की मांग की गई है लेकिन मात्र एक ही हाइड्रेंट यहां पर सेवा दे रहा है।