हमीरपुर बस अड्डे पर एचआरटीसी की बसें।
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मोटर वाहन अधिनियम की धज्जियां उड़ाने में निजी बस ऑपरेटरों के अलावा निगम चालक भी पीछे नहीं हैं। निजी बसों के साथ-साथ एचआरटीसी बसों के फ्रंट शीशों पर भी स्टीकर लगे हैं। वहीं, निजी बसों के बैक शीशों पर ब्लैक स्क्रीन और खिड़कियों पर पर्दे लगे हैं।
बसों के फ्रंट शीशों पर स्टीकर, ब्लैक स्क्रीनया पर्दे लगाने पर पाबंदी है, लेकिन बस चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। जिला भर में अधिकतर निजी बसों के फ्रंट शीशों पर स्टीकर लगे हैं।
जिला मुख्यालय में दौड़ रही कुछ बसों के बैक शीशे ब्लैक हैं जबकि खिड़कियों पर पर्दे लगे हैं। जिला मुख्यालय से ये बसें रोजाना दो से तीन रूटों पर चलती हैं, लेकिन पुलिस और संबंधित विभाग को ये नजर नहीं आतीं।
वहीं एचआरटीसी बस चालकों ने भी बसों के फ्रंट शीशों पर 50 से 60 फीसदी शीशे पर स्टीकर लगा रखे हैं, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यात्री मनीष, अजय, दिनेश, सौरभ, कनिका, दीपिका आदि का कहना है कि बसों में स्टीकर और पर्दे के अलावा स्टीरियो भी खूब बज रहे हैं।
आरटीओ विक्रम महाजन का कहना है कि बसों के समय-समय पर चालान होते हैं। बसों के फ्रंट शीशों पर स्टीकर लगाने, पर्दे या ब्लैक स्क्रीन गलत है। ऐसी बसों का चालान किया जाएगा।