हमीरपुर। पंजाब बंद का असर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाओं पर भी पड़ा। पंजाब के खरड़ और कुराली में फंसी हमीरपुर डिपो की चार बसें वीरवार शाम करीब साढ़े चार बजे मार्ग खुलने के बाद खाली लौट आईं।
इनमें तीन बसें खरड़ और एक कुराली में रोकी गई थी। वहीं, चंडीगढ़ में फंसी निगम की दो बसों को वाया पिंजौर हमीरपुर लाया गया। बंद के चलते पंजाब होकर जाने वाली बसों की आवाजाही प्रभावित रही और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हमीरपुर डिपो ने वीरवार को निर्धारित समय के अनुसार बसें रवाना कीं, लेकिन सामान्य दिनों के मुकाबले बसों में इक्का-दुक्का यात्री ही नजर आए। पंजाब बंद की जानकारी के चलते कई लोगों ने अपनी यात्रा टाल दी।
हालांकि, घरों से बाहरी राज्यों के लिए निकले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कई की यात्रा में देरी हुई।
हमीरपुर से ऊना के लिए दोपहर एक बजे रवाना होने वाली निजी बस में दोपहर 12:55 बजे तक महज सात सवारियां थीं। बस चालक विकी ने बताया कि आम दिनों के मुकाबले सवारियों की संख्या बेहद कम रही।
उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में ऊना तक चंडीगढ़ जाने वाले यात्री भी मिल जाते हैं, लेकिन वीरवार को बस में स्थानीय यात्री ही थे। हमीरपुर डिपो की 15 बसें लुधियाना, जालंधर, होशियारपुर, अमृतसर और चंडीगढ़ के साथ दिल्ली जाने के लिए भी पंजाब होकर गुजरती हैं।
निगम प्रबंधन ने निर्धारित रूटों पर सामान्य दिनों की तरह बसें रवाना कीं, लेकिन बंद के कारण इनकी आवाजाही और यात्रियों की संख्या प्रभावित रही।
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बीते दिन रवाना हुई थीं बसें
हमीरपुर डिपो की छह बसें बुधवार शाम को अपने निर्धारित रूटों पर रवाना हुई थीं। पंजाब में बंद के कारण खरड़, कुराली और चंडीगढ़ में इनकी आवाजाही प्रभावित हुई और बसें सुबह से वहीं फंसी रहीं। मार्ग खुलने के बाद इन्हें शाम को वापस हमीरपुर लाया गया। यात्रियों के बिना बसों की वापसी से निगम को भी परिचालन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यात्रियों की सुविधा के लिए निर्धारित रूटों पर बसें सामान्य दिनों की तरह रवाना की गईं। हालांकि, सामान्य दिनों की तुलना में बसों में यात्रियों की संख्या कम रही। बुधवार को पंजाब के लिए रवाना हुई छह बसों को खाली डिपो तक वापस लाया गया।
-राज कुमार पाठक, डीएम, एचआरटीसी मंडल हमीरपुर
पंजाब बंद होने से ऊना जाने वाली बस में खाली सीटें। संवाद