हमीरपुर। जिला में पंचायतों की धरोहरों को अलग पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल में पंचायतों की धरोहरों की जानकारी अपलोड होना शुरू हो गई है। जिला में अब तक करीब नौ धरोहरों, सांस्कृतिक विरासत सहित अन्य जानकारी अपलोड हो गई हैं। गांव की धरोहर और संस्कृति को नई पहचान देने के उदे्श्य से मेरी पंचायत एप में मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल को जोड़ा गया है। हर ब्लॉक से कम से कम दो धरोहरों की जानकारी अपलोड होगी। इस मॉडयूल में हर पंचायत की धरोहर, सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक भोजन, पहनावा, कला वाद्य यंत्र सहित तमाम जानकारियां उपलब्ध होंगी। हर पंचायत के सचिव को इसका नोडल ऑफिसर बनाया गया है। पंचायत सचिव की ओर से संबंधित पंचायत में विद्यमान सांस्कृतिक धरोहर, प्रसिद्ध स्थान, पकवान सहित अन्य पारंपरिक जानकारियां फोटो और वीडियो के माध्यम से अपलोड की जा रही हैं। इस पहल से ऐसे हर गांव की अपनी अलग धरोहर की पूरी जानकारी केंद्र सरकार के पास रहेगी। जिला हमीरपुर में करीब 248 पंचायतें हैं। गांव की सांस्कृतिक धरोहर, खान-पान, आभूषण, तीज-त्योहार की जानकारी सार्वजनिक होगी।
मेरी पंचायत एप में मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल को जोड़ा गया है। अब तक करीब नौ धरोहर, सांस्कृतिक विरासत सहित अन्य जानकारी अपलोड हो गई है। हर पंचायत के सचिव को इसका नोडल ऑफिसर बनाया गया है।
-शशि बाला, जिला पंचायत अधिकारी