हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में शनिवार को एचआईवी एड्स पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने की।
उन्होंने एमबीबीएस प्रशिक्षु चिकित्सकों को एचआईवी एड्स के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित मरीज यदि समय पर दवाई शुरू कर लेता है, तो वह अपना जीवन एक आम आदमी की तरह जी सकता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने कहा कि एचआईवी एक वायरस है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है और एड्स एक ऐसी बीमारी है जो एचआईवी से पीड़ित लोगों में विकसित हो सकती है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस बी, एचआईवी की बीमारी से ज्यादा संक्रामक है। सभी को अपना हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण भी करवाना चाहिए।
उन्होंने यौन संचारित संक्रमण के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने भारत को एड्स मुक्त बनाने के लिए 95:95:95 की रणनीति बनाई है। इसके मुताबिक पहले 95 का अर्थ देश में एचआईवी संक्रमित लोगों की अनुमानित संख्या के 95 फीसदी लोगों को उनके एचआईवी. स्टेटस की जानकारी होना, दूसरे 95 का अर्थ 95 फीसदी पॉजिटिव एआरटी केंद्रों पर सतत उपचार होना चाहिए और तीसरा वायरल लोड कम होना चाहिए। उन्होंने पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस के बारे में भी बताते हुए कहा कि यह दवाई है जो एचआईवी के संपर्क में आने के बाद लिया जाता है, जिसे एचआईवी के संभावित संपर्क के बाद 72 घंटों के अंदर शुरू करना चाहिए। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती और डॉ. अभिलाश सूद स्वास्थ्य विभाग से बीसीसी समन्वयक सलोचना तथा राजेंद्र उपस्थित रहे।