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हीमोफीलिया एक दुर्लभ, अनुवांशिक रक्त विकार : डॉ. भारती

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हीमोफीलिया प्रबंधन पर ज्ञान को बढ़ाने पर चिकित्सा शिक्षा सत्र में की चर्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में वीरवार को बाल रोग विभाग ने हीमोफीलिया पर सतत चिकित्सा शिक्षा सत्र का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने की। उन्होंने विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों से इस स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। एक कारक, कई संभावनाएं थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य हीमोफीलिया प्रबंधन पर ज्ञान और सहयोग को बढ़ाना रहा। रमेश भारती ने हीमोफीलिया जैसे दुर्लभ विकारों के लिए स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने में अंतर-विभागीय सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हीमोफीलिया एक दुर्लभ, अनुवांशिक रक्त विकार है। यह तब होता है जब रक्त का थक्का नहीं बनता है और शरीर के उत्तकों में रक्तस्राव होता है।
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यह आंतरिक रक्तस्राव न केवल शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि जीवन के लिए भी खतरा बन सकता है। इस कार्यक्रम में मेडिसिन विभाग से डॉ. सुभाष, ऑर्थोपेडिक्स से डॉ. संजय ठाकुर, पैथोलॉजी से डॉ. कविता, शिशु रोग विभाग से डॉ. निवेदिता शर्मा, नोडल अधिकारी, हीमोफीलिया उपचार केंद्र बाल रोग विभाग डॉ. गिरीश कुमार ने व्याख्यान दिया। सत्र में हीमोफीलिया की समझ और प्रबंधन के लिए आवश्यक विषयों की एक विस्तृत शृंखला को शामिल किया गया। इसमें हीमोफीलिया की मूल बातें, निदान और रोकथाम, विस्तारित अर्ध-आयु कारक, अवरोधकों के प्रबंधन पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में डीआरकेजीएमसी के संकाय और एमबीबीएस छात्र बैच 2020 ने भाग लिया। जिन्होंने हीमोफीलिया देखभाल में नवीनतम प्रगति और चुनौतियों के बारे में उपयोगी चर्चा की।
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