भोरंज (हमीरपुर)। लुद्दर महादेव पंचायत में डायरिया से पीड़ित लोगों की संख्या शनिवार को 495 पहुंच गई है। शुक्रवार शाम तक 252 लोग इसकी चपेट में आए थे। वहीं, शनिवार को इनकी संख्या दोगुनी हो गई है। सिविल अस्पताल भोरंज के डॉक्टरों की टीम ने संबंधित गांवों में जाकर 220 मरीजों का इलाज किया व 23 मरीजों को भोरंज अस्पताल में दाखिल किया है। इसके साथ ही 12 मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेज गया है। बता दें कि पेयजल के कारण उन्हें यह जल जनित बीमारी हो गई है। बीमारी के बाद अचानक से भोरंज अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शनिवार को भी भोरंज अस्पताल के डॉक्टरों की दो टीमें बनाईं। जिन्होंने गांव लुद्दर, लज्याणी, बगवाड़, खतनाल, छत्र इत्यादि में जाकर लगभग 220 मरीजों का उपचार किया और उन्हें दवाई दी। भोरंज अस्पताल के बीएमओ डॉ. ललित कालिया ने पानी की जांच के लिए कहा था।
जिस पर सैंपल भरे गए और टैंकों को साफ किया गया। टैंकों को खाली कर क्लोरीनिशेन कर दिया था। लेकिन, शनिवार को फिर से जल शक्ति विभाग के अधिकारियों सहित भोरंज के एसडीएम डॉ अमित शर्मा ने क्षेत्र की स्कीम का दौरा किया और पेयजल की स्कीम के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। डायरिया फैलने से लोग सकते में हैं और अपना इलाज करवाने के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। हालांकि, कर्फ्यू के कारण उन्हें आने जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रविवार तक हालात में सुधार की बात कर रहे हैं। इस बारे में बीएमओ डॉ. ललित कालिया ने बताया कि पिछले तीन दिनों से 495 लोगों को चेक किया है व 23 मरीज भोरंज अस्पताल में दाखिल हैं। 12 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया है। शनिवार को गांव में मरीजों को दवाई के साथ ओआरएस घोल भी दिया गया है। मरीजों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है और सबको पानी उबाल कर पीने की सलाह दी जा रही है।
पेयजल के सैंपल लेकर दोबारा जांच को भेजे
जलशक्ति विभाग के एक्सईएन ओपी भारद्वाज ने बताया कि सभी टैंकों को समय-समय पर साफ किया जाता है। दोबारा टैंक को खाली कर साफ कर दिया गया है और सभी की क्लोरीनेशन कर दी है। पेयजल के सैंपल दोबारा लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। सभी ग्रामीणों को भी भंडारित पानी को खाली कर अपनी टंकियां साफ करने की हिदायत दी गई है। साथ ही ग्रामीणों में ब्लीचिंग पाउडर भी वितरित किया गया है और साफ-सफाई रखने को कहा है।