हमीरपुर। डायरिया से बचाव के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता 15 जून तक घर-घर जाकर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं।
आशा कार्यकर्ता प्रत्येक परिवार को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां भी उपलब्ध करा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि डायरिया होने की स्थिति में बच्चे को तुरंत ओआरएस का घोल देना चाहिए और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार जिंक की गोलियों का सेवन कराया जाना चाहिए, जिससे शरीर में पानी और लवणों की कमी को रोका जा सके और बीमारी की गंभीरता कम हो सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि स्वच्छता, साफ पेयजल और हाथ धोने की आदतों को अपनाकर डायरिया के मामलों में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में बार-बार दस्त, उल्टी, कमजोरी या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक घर तक पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी करना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।