हमीरपुर। गाय-भैसों और भेड़-बकरियों की तर्ज पर अब घूमंतु भेड़पालकों की भेड़ों का भी स्वास्थ्य कार्ड बन रहा है। इस स्वास्थ्य कार्ड में भेड़ों के स्वास्थ्य के साथ-साथ टीकाकरण सहित तमाम जानकारियां दर्ज की जा रही हैं।
जिला हमीरपुर में अब तक करीब 400 घूमंतु भेड़पालकों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। हालांकि इससे पहले केवल बड़े पशुओं गाय-भैंस और घरों में पाले जा रहीं भेड़-बकरियों का ही स्वास्थ्य संबंधित जानकारी टैगिंग के माध्यम से दर्ज होती थीए लेकिन अब घूमंतु भेड़पालकों की भेड़ों को भी इस श्रेणी में लाया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य का पूरा ब्योरा मिल सके।
घूमंतु भेड़पालक गर्मियों में पहाड़ों में रहते हैं, जबकि सर्दियों में यह भेड़ों सहित मैदानी इलाकों में आते हैं। जहां-जहां इनके ठहराव का स्थान होता है, वहां-वहां पशुपालन विभाग की ओर से इनकी भेड़ों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। अब इस जांच के दौरान इनका स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य जांच के दौरान यह भी देखा जाता है कि इन भेड़ों में कोई बीमारी तो नहीं है, जिससे अन्य पशु संक्रमित हो सकें। इन भेड़ों का पहले कितनी बार टीकाकरण किया गया है। अब आगामी कब टीकाकरण किया जाना है, सहित तमाम स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा रही है। इससे भेड़ों का स्वास्थ्य कार्ड रिकाॅर्ड भी अपडेट रहेगा।
कोट
घूमंतु भेड़पालकों की भेड़ों का भी स्वास्थ्य कार्ड बनाया जा रहा है। इस कार्ड में भेड़ों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्हें कितनी बार टीका लगाया जा चुका है और आगामी इन्हें कब टीका लगाया जाना है, सहित तमाम जानकारियां रहेंगी। अब तक जिला में 400 स्वास्थ्य कार्ड बनाकर दिए जा चुके हैं।
-डॉ. अजय, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हमीरपुर।