इंपैक्ट अमर उजाला
पीजी के लिए बायलॉज बनाएंगे स्थानीय नगर निकाय : डीसी
पीजी सर्विस की निगरानी तंत्र की खामियों पर उठाए गए थे सवाल
निगरानी तंत्र विकसित करने वाला प्रदेश का पहला जिला होगा हमीरपुर
कोचिंग सेंटर में प्रशिक्षु की मौत के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में पेइंग गेस्ट (पीजी) की सुविधाओं का निगरानी तंत्र मोहाली और बंगलूरू की तर्ज पर विकसित होगा। इसके लिए पुख्ता इंतजाम करने की कवायद तेज हो गई है। जिले में अब पीजी सर्विस के बायलाॅज (स्थायी नियम) स्थानीय नगर निकायों की ओर से तय किए जाएंगे। इस तंत्र को विकसित करने वाला हमीरपुर प्रदेश का पहला जिला होगा। बायलाॅज के साथ पीजी के पंजीकरण को लेकर संबंधित विभागों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने इस सिलसिले में विभिन्न विभागों के साथ बुधवार को बैठक की। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नगर निकाय के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बीते रविवार को एक कोचिंग सेंटर में प्रशिक्षु की मौत के मामले में पंजीकरण व अन्य व्यवस्थाओं में खामियों को अमर उजाला में प्रमुखता से उजागर किया था।
खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। अधिकतर विभागों के पास पीजी सर्विस के पुख्ता आंकड़े नहीं है। नगर परिषद हमीरपुर के क्षेत्र में परिषद के पास 33, खाद्य सुरक्षा विभाग के पास 24 पीजी का आंकड़ा है। ऐसे में इन तमाम खामियों को दूर करने के लिए हमीरपुर जिला प्रशासन ने पुख्ता निगरानी तंत्र विकसित करने की पहल की है। डीसी हमीरपुर की अगुवाई में हुई बैठक में न सिर्फ हमीरपुर बल्कि अन्य नगर निकायों भोटा, नादौन और सुजानपुर में भी यह व्यवस्था लागू होगी। बैठक में नगर परिषद हमीरपुर और सुजानपुर, टीसीपी विभाग, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन विभाग, राज्य कर एवं आबकारी और विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। नगर परिषद हमीरपुर के अधिकारियों ने शहर में 33 पीजी का रिकाॅर्ड दर्शाया। वहीं, अन्य विभागों के पास इससे जुड़े कोई आंकड़े ही नहीं थे। बैठक में एडीएम राहुल चौहान, सहायक आयुक्त पवन शर्मा, डीएसपी, नगर परिषद, टीसीपी और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उपायुक्त ने स्थानीय नगर निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टीसीपी विभाग, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा पीजी संचालकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद अतिशीघ्र विस्तृत बायलॉज तैयार करें, ताकि इन्हें सभी पीजी पर लागू करके बच्चों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध एवं आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
दोनों शहरों के मॉडल का होगा अध्ययन : अमरजीत सिंह
डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने कहा कि मोहाली और बंगलूरू में पीजी की सुविधाएं जांचने के लिए निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। पंजीकरण के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। नगर निकायों ने पीजी के लिए स्थायी नियम (बायलॉज) तय किए हैं। पुलिस, अग्निशमन, नगर परिषद, टीसीपी, खाद्य सुरक्षा और अन्य सभी संबंधित विभागों को शामिल किया गया है। इन सब का अध्ययन कर इन्हें जिले में लागू किया जाएगा। दोनों शहरों के मॉडल को स्टडी किया जाएगा। पीजी के पंजीकरण एवं संचालन के संबंध में बायलॉज बनाकर जिला हमीरपुर एक नई शुरुआत करेगा।
3 पीजी संचालकों को 5-5 हजार रुपये जुर्माना
खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के उल्लंघन पर हमीरपुर के 3 पीजी संचालकों को 5-5 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं मानक) अनिल शर्मा ने बताया कि विभाग में पंजीकृत हमीरपुर के 24 पीजी का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान 3 पीजी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें 5-5 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जिन पीजी संचालकों ने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं करवाया है, वे इस प्रक्रिया को अतिशीघ्र पूर्ण करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।