शुष्क ठंड के कारण जिलाभर में सर्दी जुखाम के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना 120 से 150 ओपीडी सर्दी जुखाम के मरीजों की हो रही है। वहीं शिशु वार्ड में भी बच्चों में सर्दी जुखाम की शिकायत लेकर अभिभावक पहुंच रहे हैं। शून्य से छह साल तक के रोजाना 50 से 60 शिशु अस्पताल आ रहे हैं।
मौसम के अचानक बदलते मिजाज से शुष्क ठंड काफी बढ़ गई है। इस कारण बच्चों के साथ साथ व्यस्क भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 50 से 60 शिशु सर्दी जुखाम की शिकायत के पहुंच रहे हैं। वहीं 120 से 150 के व्यस्क मरीज सर्दी जुखाम की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला मुख्यालय के अलावा अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सीएचसी में भी रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बड़सर, नादौन और टौणीदेवी अस्पताल में रोजाना 60 से 80 मरीज, गलोड़, सुजानपुर आदि अस्पतालों में रोजाना 30 से 50 मरीज सर्दी जुखाम के पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का दावा है कि शुष्क ठंड के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। बच्चों को गर्म कपड़ों के साथ जुराब जरूर पहनाएं। सर्दी या जुखाम की शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से सलाह लें।
उधर, एमएस डा. अर्चना सोनी का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज के कारण लोग सर्दी जुखाम की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल में रोगियों को उपचार के लिए बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं।