हमीरपुर जिले में लंपी स्किन डिजीज का संक्रमण लगातार फैल रहा है। बुधवार को बीमारी के आठ नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। इसी दिन लंपी से पीड़ित दो पशुओं की मौत भी हुई। इनमें एक पशु नादौन और दूसरा बड़सर क्षेत्र का बताया गया है।
इन दो मौतों के बाद जिले में लंपी स्किन डिजीज से मरने वाले पशुओं की संख्या चार हो गई है। मृत पशुओं में तीन बड़सर और एक नादौन क्षेत्र का शामिल है। लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच पशुपालन विभाग ने निगरानी और उपचार की व्यवस्था को और सक्रिय कर दिया है।
एक दिन में 1,470 पशुओं का टीकाकरण
पशुपालन विभाग की ओर से बुधवार को करीब 1,470 पशुओं को लंपी से बचाव का टीका लगाया गया। विभाग के अनुसार अब तक लगभग 3,000 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग के पास करीब 13,500 टीके उपलब्ध हैं। प्रभावित क्षेत्रों के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी पशुओं की निगरानी की जा रही है, ताकि बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
लक्षण दिखें तो पशु को तुरंत अलग करें
पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी पशु में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत दूसरे पशुओं से अलग रखने और नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि संक्रमित पशु को अलग रखने से बीमारी के दूसरे पशुओं तक फैलने की आशंका को कम किया जा सकता है।