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Himachal News : हमीरपुर को शिक्षा-स्वास्थ्य की बड़ी सौगात, खुलेगा हिमाचल का पहला साइंस कॉलेज; जानें सबकुछ

Fri, 14 Aug 2026 04:31 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में हिमाचल का पहला साइंस कॉलेज खोलने की घोषणा की। करीब 100 करोड़ की लागत वाले कॉलेज के लिए 80 कनाल जमीन चिन्हित है और 20 करोड़ जारी किए गए हैं। उन्होंने एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय और 74 एकड़ में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान बनाने की भी घोषणा की। किशाऊ परियोजना पर बीबीएमबी के बकाया भुगतान को लेकर पड़ोसी राज्यों से सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र की मांग की गई। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रिबन काटते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को हमीरपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज हमीरपुर में खोलने की घोषणा की। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉलेज के लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित की जा चुकी है और परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।

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मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। इसके अलावा जिले में 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री हमीरपुर राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।




मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी और हमीरपुर को शिक्षा राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। हमीरपुर के विद्यार्थी देशभर में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में हिमाचल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बाद प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए।




ग्रामीण विद्यार्थियों को घर के नजदीक बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में करीब 24 हजार की वृद्धि हुई है। इनके संचालन और बुनियादी ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकार नीति तैयार कर रही है। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कॉलेजों का युक्तिकरण भी किया जाएगा। युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए राज्य चयन आयोग और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।




भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का दावा
सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में सामने आए पुलिस भर्ती और कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े प्रश्नपत्र लीक मामलों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया गया और भर्ती प्रश्नपत्र लीक करने वालों को जेल भेजा गया। कई भर्तियों में अनिवार्य साक्षात्कार खत्म कर मेरिट आधारित चयन व्यवस्था लागू की गई है।

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स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी और 3-टेस्ला एमआरआई
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद स्वास्थ्य सरकार की दूसरी बड़ी प्राथमिकता है। बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए प्रदेश में निदान सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसमें मरीज से 30 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि सरकार 90 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है। मेडिकल कॉलेजों में अधिक सटीक जांच के लिए 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें भी स्थापित की जा रही हैं।



किशाऊ परियोजना पर पड़ोसी राज्यों से शपथपत्र की मांग
मुख्यमंत्री ने 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय हुए समझौते को वर्तमान सरकार ने स्वीकार नहीं किया, क्योंकि उसके तहत हिमाचल को बिजली उत्पादन की लागत का बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार के रुख के कारण अब हिमाचल को बिना कोई वित्तीय निवेश किए करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल किशाऊ परियोजना को तभी आगे बढ़ाएगा, जब पड़ोसी राज्य अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करें कि वे भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के बकाया भुगतान में हिमाचल का हिस्सा देंगे। शर्त पूरी होने के बाद ही परियोजना पर आगे बढ़ा जाएगा।

हमीरपुर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में शिक्षा, कृषि और सिंचाई से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। कृषि उपनिदेशक कार्यालय परिसर में 8.64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक एसआरटी लैब का उद्घाटन किया गया।

हमीरपुर डिग्री कॉलेज में 1.50 करोड़ रुपये की सीबीटी लैब और 70 टैब वाली लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ। कॉलेज में छात्राओं के लिए 9 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आवास का शिलान्यास भी किया गया। जिला पुस्तकालय में किताबी कॉर्नर का भी उद्घाटन किया गया।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना चरण-2 के तहत 3.05 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न उठाऊ सिंचाई योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनमें नादौन की बसोल, जसोह और खटरोड, सुजानपुर की घराट, हमीरपुर की डखोल और बड़सर की थौन उठाऊ सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। इनसे करीब 320 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से 5 करोड़ रुपये की लागत से सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में बने हॉस्टल का भी उद्घाटन किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार, विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील कुमार शर्मा, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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