हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने गृह क्षेत्र के दौरे के तीसरे दिन शनिवार को हमीरपुर जिले को 36.23 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी है। दोपहर बाद सलासी में 5.27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जल शक्ति विभाग हमीरपुर के मुख्य अभियंता कार्यालय, उठाऊ जलापूर्ति योजना हमीरपुर के तहत 15 करोड़ रुपये से जलस्रोत का उन्नयन और 11.36 करोड़ से कुड़िहार-मसियाना सड़क को चौड़ा करने और सुधार कार्य की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने शुक्रखड्ड पर 3.93 करोड़ रुपये के पुल का भी उद्घाटन किया। जिससे खाटवीं गांव के निवासी लाभान्वित होंगे। उन्होंने हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश परिवहन अपीलीय ट्रिब्यूनल, अणु में हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के सौर कार्यालय और 67 लाख की लागत से निर्मित युद्ध स्मारक हमीरपुर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं से लोगों को लाभ होगा। हमीरपुर में परिवहन अपीलीय ट्रिब्यूनल के उद्घाटन से ट्रांसपोर्टरों को सुविधा मिलेगी, जिससे उनका परिचालन सुव्यवस्थित होगा। राज्य सरकार सौर और हरित ऊर्जा के दोहन के लिए कृतसंकल्प है, जो पर्यावरणीय अनुकूल पहल के प्रति प्रदेश सरकार के सतत समर्पण को दर्शाती है। सरकार की ओर से लिए गए प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य पूरे राज्य में व्यापक विकास को बढ़ावा देना और प्रदेश के लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना है। वर्तमान प्रदेश सरकार लालफीताशाही में विश्वास नहीं करती। सरकार गवर्नेंस में दक्षता और समयबद्धता को बढ़ावा दे रही है। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, आशीष शर्मा और सुरेश कुमार, पूर्व विधायक अनिता वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंद्र वर्मा, एडवोकेट रोहित शर्मा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की हाल ही में जमानत खारिज होने के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी ने कोई गलत काम नहीं किया है बल्कि वह राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के समर्थक हैं। राहुल गांधी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4,000 किलोमीटर से अधिक की भारत जोड़ो यात्रा ने लोगों के साथ अनूठा संबंध बनाया है और यही उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का कारण भी बना है। राज्य के कर्मचारियों के हित में पहली ही कैबिनेट में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का निर्णय किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सेवानिवृत्त व्यक्तियों को एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए एक निश्चित आय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आखिरी दिन तक जन कल्याण के प्रति समर्पणभाव से कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऐसे निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे लोगों को लाभ मिले और राज्य की समग्र प्रगति और समृद्धि में योगदान भी सुनिश्चित हो।