हमीरपुर। जिलाभर के सरकारी स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों को आधे से अधिक सत्र बीत जाने के बाद भी स्कूल बैग नहीं मिल पाए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों से पहली, तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों का डाटा तक नहीं मांगा गया है।
इसके चलते इस बार स्कूली विद्यार्थी निशुल्क बैग योजना से वंचित रह सकते हैं। विभागीय देरी के चलते स्कूल में दाखिल विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा निदेशालय से स्थिति स्पष्ट न होने के कारण अभिभावक असमंजस में पड़े हुए हैं कि वह अपने बच्चों के लिए स्कूल बैग खरीदें या नहीं।
अभिभावकों में विमला देवी, रोशन लाल, सुखदेव, मधु रानी, विश्वास भारद्धाज, अमित आदि ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पहली, तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बैग देने की योजना शुरू की गई थी। विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष बैग आवंटित करने के लिए विद्यार्थियों का डाटा मांगा जाता था, ताकि समय पर बैग प्रदान किए जा सकें। बीते सत्र में भी विद्यार्थियों को स्कूल बैग बांटे गए हैं, लेकिन इस बार विभाग की ओर से विद्यार्थियों का डाटा नहीं मांगा गया है। ऐसे में स्कूल बैग योजना अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सत्र 2023-24 में भी विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षाओं के बाद स्कूल बैग मिले थे। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों को समय पर स्कूल बैग देने की मांग की है।
वहीं, इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि स्कूल बैग योजना को लेकर अभी तक उच्चाधिकारियों से किसी भी प्रकार के दिशा निर्देश जारी नहीं हुए हैं।