विश्रामगृह भोटा में शनिवार को वाटर गार्ड और मिड डे मील वर्करों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता इंटक के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी नंद लाल चौहान ने की।
उन्होंने कहा कि अगर मजदूरों एवं कर्मियों ने सरकार से अपने हक और वेतनमान लेने हैं तो संगठित होकर हिमाचल पीडब्ल्युडी इंपलाइज एवं मजदूर यूनियन के साथ चलें। इसी में सभी वर्गों के कर्मियों और बेलदारों का भला होगा।
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि सरकार आईपीएच के वाटर गार्डों, जंगलात के बेलदारों और मिड डे मील वर्करों का जमकर शोषण कर रही है। 1200 और 1300 रुपये प्रतिमाह वेतनमान पर कार्य कर रहे कर्मियों से दो घंटे की बजाय 8-8 घंटे काम लिया जा रहा है।
छह माह बाद वेतनमान दिया जा रहा है। न तो ये लोग सरकार के कर्मी हैं और न ही पंचायत कर्मियों को आज दिन तक डीए मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मियों का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाया गया है। इस अवसर पर इंटक के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।