बड़सर (हमीरपुर)। प्रदेश में कार्यरत टीजीटी कला शिक्षकों को सीएंडवी शिक्षकों की तर्ज पर 20 वर्ष बाद दो विशेष इंक्रीमेंट देने की मांग टीजीटी कला संघ ने उठाई। जिले की टीजीटी कला संघ इकाई के अध्यक्ष विजय हीर ने कहा कि सीएंडवी वर्ग लंबे समय से टीजीटी का दर्जा मांग रहा है और टीजीटी कला शिक्षक इस समय सीएंडवी की तर्ज पर 20 साल सेवाकाल पर देय विशेष दो इंक्रीमेंट का लाभ सरकार से मांग रहा है।
इसके लिए ज्ञापन हाई पावर कमेटी को उन्होंने भेज दिया है। प्रदेश में टीजीटी कला शिक्षकों के पास पदोन्नति के विकल्प नाममात्र बचे हैं। प्रवक्ता स्कूल न्यू कला के पदों पर पिछले अनेक वर्षों में टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल के अधिकतम शिक्षक प्रमोट हुए और टीजीटी कला को प्रवक्ता न्यू विज्ञान पदों पर भी पदोन्नति मिलना असंभव है। उन पदों पर टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल ही पदोन्नति के लिए पात्र हैं।
ऐसे में टीजीटी कला शिक्षक 14 से 20 साल की सेवा पर भी प्रवक्ता न्यू पदोन्नति नहीं पा सके हैं जबकि, हेडमास्टर पदोन्नति विकल्प में 18 से 27 वर्ष सेवाकाल पर पदोन्नति मिल रही है। अनेकों शिक्षकों का सकल सेवाकाल भी 20 वर्ष नहीं हो रहा है और ऐसे में टीजीटी कला शिक्षक बिना पदोन्नति ही रिटायर हो रहे हैं जोकि नई पेंशन और अनुबंध की मार के चलते बहुत मुश्किल जीवन-यापन की ओर ले जाने वाला सिस्टम है। 10 साल सेवाकाल पर पहली, 20 साल सेवाकाल पर दूसरी विशेष इंक्रीमेंट टीजीटी कला शिक्षकों को मिले।