धनेटा (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र झलाण में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत एक शिविर आयोजित हुआ जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए। उन्होंने कहा बाजार के खाद्य पदार्थों के बजाय घर में बनाए हुए पौष्टिक आहार, मौसमी फल और सब्जियों का अधिक उपयोग करें ताकि कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटा जा सके।
बाल विकास परियोजना अधिकारी संजय गर्ग ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी के पहले 1000 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हीं दिनों के दौरान ही बच्चे के मस्तिष्क का अधिकतम विकास होता है। मां को गर्भावस्था से ही पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेना आवश्यक है। इस अवसर पर उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य तथा खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्र के शिशुओं ईशा, प्रियांश और आरव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संवाद